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80 करोड़ के गबन के बाद बंद होने की कगार पर एमपी का बड़ा बैंक, चार कर्मचारी बर्खास्त

Bank News- बैंक शाखा कोलारस में करोड़ों रुपए का गबन करने वाले 4 कर्मचारियों को हटा दिया गया है।

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Four employees of Shivpuri Cooperative Bank sacked after embezzlement of 80 crores

Four employees of Shivpuri Cooperative Bank sacked after embezzlement of 80 crores

Bank News- मध्यप्रदेश में एक बड़ा बैंक बंद होने की कगार पर आ गया है। यहां उपभोक्ताओं को 1 हजार रुपए भी देने की दिक्कत है। बैंक को बंद होने से बचाने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में 50 करोड़ दिए हैं। बैंक की यह दुर्दशा कर्मचारियों ने ही की जिन्होंने करीब 80 करोड़ का गबन कर लिया। अब ऐसे चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। शिवपुरी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में गबन की विभागीय जांच के बाद कलेक्टर ने यह कार्रवाई की है। बैंक शाखा कोलारस, करैरा में करोड़ों रुपए का गबन करने वाले 4 कर्मचारियों को हटा दिया गया है।

एमपी के सहकारी बैंकों में शिवपुरी जिला सहकारी बैंक बड़ी शाखाओं में शुमार था लेकिन गबन के कारण बैंक कंगाल हो गया। स्थिति ये है कि बैंक अपने उपभोक्ताओं को पैसे नहीं लौटा पा रहा है। ऐसे दर्जनों उपभोक्ता रोज कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत करते करते परेशान हो चुके हैं।

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कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने की कार्रवाई

कलेक्टर रविन्द्र चौधरी ने अब गबन मामले में सख्ती दिखाई है। विभागीय जांच के बाद उन्होंने गबन के आरोपी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। इनमें तीन कर्मचारी कोलारस के और एक कर्मचारी करैरा बैंक का है।

कलेक्टर कार्यालय में बीते रोज बैंक प्रबंधन की बैठक हुई थी जिसमें मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में बैंक शाखा कोलारस में 80 करोड़ 56 लाख रुपए के गबन के मामले में बैंकिग सहायक ज्ञानेन्द दत्त शुक्ला व सहायक लेखापाल प्रभात भार्गव, शाखा करैरा में हुए 3.82 करोड़ के मामले में लिपिक रविन्द्र भार्गव व गुरुदेव कुशवाह तत्कालीन भृत्य को कलेक्टर चौधरी ने पद से पृथक करने की कार्रवाई की।

चारों कर्मचारियों को विभागीय जांच में दोषी पाया

बर्खास्त किए गए चारों कर्मचारियों को विभागीय जांच में दोषी पाया गया है। कलेक्टर द्वारा बर्खास्तगी के साथ ही चारों कर्मचारियों की संपत्ति से गबन की राशि वसूल करने की कार्रवाई भी की जा रही है।