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झोपड़ी में लगी भीषण आग, अंदर सो रहे दादा के साथ दो मासूम पोतियां ज़िंदा जली, इलाके में सनसनी

MP News : झोपड़ी में आग लगने से अंदर सो रहे दादा के साथ उनकी दो मासूम पोतियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। घटना बेराड़ थाना क्षेत्र के लक्ष्मी पूरा गांव की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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MP News :मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना इलाके के अंतर्गत आने वाली रसेरा पंचायत के लक्ष्मीपूरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को सनसनी फैला दी है। यहां एक बुजुर्ग और उनकी दो पोतिया रात के समय अपनी झोपड़ी में सो रहे थे। इसी दौरान जोपड़ी में आग लगने से परिवार के तीनों सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की बैराड़ पुलिस पड़ताल कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मीपुरा गांव में रहने वाले वासुदेव और उनकी पत्नी रुकमणि किसी परिचित के घर गमी में शामिल होने धौलपुर गए थे। वासुदेव अपनी तीन बेटियों, जिनमें अनुष्का, संध्या और ज्योति को अपने पिता हजारी बंजारा के पास छोड़ गए थे। 65 वर्षीय बुजुर्ग हजारी बंजारा अपनी दो पोती संध्या (5) ज्योति (4) और अनुष्का (7) के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। इसी दौरान रात करीब 11 बजे झोपड़ों में अज्ञात कारणों से आग लग गई।

4 साल की मासूम जैसे तैसे बाहर निकल गई

बताया जा रहा है कि हजारी बंजारा के साथ संध्या और अनुष्का एक पलंग पर सो रही थी। जबकि, ज्योति अलग पलंग पर सो रही थी। झोपड़ी में आग लगते ही ज्योति की आंख खुल गई। इसके बाद चार साल की मासूम आग की लपटों के बीच से जैसे-तैसे झोपड़ी से बाहर निकल गई। लेकिन संध्या, अनुष्का के साथ उसके दादा हजारी झोपड़ी में ही फंसे रह गए।

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1 घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग

बताया जा रहा है कि, ज्योति ने पड़ोस में रह रहे अपने चाचा जीतेन्द्र बंजारा को आग लगने की सूचना दी थी। बाद में ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने के प्रयास पास में लगी सिंघल फेस से पानी की मोटर से शुरू किये थे। सुचना के बाद मोके पर पुलिस सहित एम्बुलेंस और फायर बिग्रेड पहुंची, जिसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दमकल दल ने आग पर काबू पाया।

दादा-पोती की मौके पर मौत, दूसरी पोती की तल रही थी सांसे

बताया गया हैं झोपड़ी के ऊपर घांसफूस का छप्पर डला हुआ था। जो जलकर हजारी और उसकी दो पोतियों के ऊपर गिर गया था। जिससे वज जलते छप्पर के नीचे दब गईं। इसके चलते उनकी मौत हो गई। बता दें आग बुझाने के बाद तीनों को झोपड़ी से बाहर निकाला गया था। हजारी और अनुष्का की मौके पर मौत हो गई थी। लेकिन, संध्या की सांसे चल रही थी। उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हालांकि, ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में उस मासूम ने भी दम तोड़ दिया।

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एडीएम ने पीड़ित परिवार को दी सहायता

घटना की जानकारी लगते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान एडीएम दिनेश शुक्ला ने स्थितियों का जायजा लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार को अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5-5 हजार राशि प्रदान की। साथ ही, संबल योजना के तहत भी प्रकरण तैयार किया गया। इसके तहत शोकाकुल परिवार को राहत राशि के तौर पर 4 लाख रुपए सहायता भी दी जाएगी।