
संजीव जाट की रिपोर्ट
Kedarnath Cloud Burst :मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले बदरवास क्षेत्र से उतराखंड़ के केदारनाथ पहुंचे 61 श्रद्धालुओं के गौरीकुंड क्षेत्र में फसने के बाद उतराखंड में प्रशासन द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अबतक 61 में से 51 श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जा चुका है। शेष 10 श्रद्धालुओं को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल, रेस्क्यू कर लाए गए श्रद्धालुओं को रामपुरा पहुंचा दिया गया है। इधर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस घटनाक्रम पर लगातार अपडेट ले रहे हैं।
बता दें कि 24 जुलाई 2024 को बदरवास से 61 लोगों का जत्था उतराखंड के लिए रवाना हुआ था। सभी श्रद्धालु आगामी 4 अगस्त से बद्रीनाथ में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करने के लिए निकले थे। हालांकि, कथा से वो सभी दर्शन के लिए केदारनाथ के लिए निकल गए। इसी दौरान 31 जुलाई की रात को केदारनाथ के गौरीकुंड से आवागमन वाले रास्ते पर बादल फट गया, जिसके बाद हुई भारी बारिश में मार्ग ढह गया। इस घटनाक्रम में बदरवास समेत देशभर से आए सभी श्रद्धालु मार्ग के दोनों और फंस गए। हालांकि, घटना के बाद अगले दिन से ही स्थानीय प्रशासन ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम की सहायता से 1 अगस्त से ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया और 1 अगस्त को ही 38 लोगो को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया।
घटना की जानकारी लगते ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से बातचीत की और फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालकर लाने का आग्रह किया। मिली जानकारी के अनुसार, सीएम मोहन ने कहा कि चारधाम की यात्रा के दौरान केदारनाथ में फंसे म.प्र. के 61 यात्रियों में से 51 यात्रियों को आज एयरलिफ्ट कर सुरक्षित रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया है। शेष 10 यात्री केदारनाथ में ही सुरक्षित है। उन्हें लेकर भी चिंता करने की जरूरत नहीं हैं।
सीएम मोहन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बदरवास क्षेत्र के कुल 61 लोग एक बस और अन्य चार पहिया वाहन में सवार होकर दर्शन करने केदारनाथ के लिए गए थे, जो भूस्खलन के कारण वहां फंस गए। राज्य सरकार ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर उन्हें एयरलिफ्ट कराया और 51 यात्रियों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया हैं। शेष यात्री केदारनाथ क्षेत्र में ही सुरक्षित हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड सरकार के सतत संपर्क में है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी यात्री को कोई कष्ट न हो। हमारी धार्मिक यात्रा के दौरान वर्षाजनित कठिनाइयों के कारण यह घटना हुई है। सभी यात्री कुशलक्षेत्र में है।
इधर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी केदारनाथ में फंसे बदरवास के श्रद्धालुओं से बातचीत की है। उन्होंने सभी को आश्वासन दिलाया कि जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस संबंध में स्थानीय प्रशान के अधिकारियों, एनडीआरएफ के अफसरों और उतराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की। साथ ही, रेस्क्यू अभियान चलाकर फंसे हुए बदरवास के लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का आग्रह किया।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को ही 51 श्रद्धालुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाया जा चुका था। लेकिन, रात में एक बार फिर शुरु हुई भारी बारिश के कारण बचाव कार्य को रोकना पड़ा था। हालांकि, सुबह होते ही शेष फंसे लोगों को लाने का काम शुरु कर दिया गया है। हालिया प्राप्त जानकारी के अनुसार, बदरवास क्षेत्र के करीब 10 श्रद्धालु ऊपरी क्षेत्र में फंसे हैं, जिन्हें कुछ ही घंटों के भीतर रेस्क्यू कर नीचे सुरक्षित स्थान पर लाया जाएगा।
Updated on:
02 Aug 2024 04:22 pm
Published on:
02 Aug 2024 04:09 pm
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