
वनभूमि पर बोरिंग कर रही मशीन को उनड़नदस्ते ने पकड़ा
वनभूमि पर बोरिंग कर रही मशीन को उनड़नदस्ते ने पकड़ा
कब्जेधारी व बीटगार्ड पर कार्रवाई नहीं, तमिलनाडू की टीम को बनाया आरोपी
20 बीघा जमीन पर कब्जा कर खेती के लिए कराई जा रही थी बोरिंग
शिवपुरी. शिवपुरी में जंगल की जमीन पर कब्जा करके खेती करने का चलन तो पुराना है, लेकिन पोहरी के भैंसरावन में वन भूमि पर कब्जा करके रात के अंधेरे में बोरिंग करते मशीन को वन विभाग के उड़नदस्ते ने पकड़ लिया। इस मामले का रोचक पहलू यह है कि बोरिंग करने वाली तमिलनाडू की टीम को आरोपी बना लिया, जबकि कब्जाधारी व बीटगार्ड पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं वन विभाग की इस भूमि से कब्जा हटाने के लिए वन विभाग के जिम्मेदार प्लांटेशन स्वीकृत होने का इंतजार कर रहे हैं।
पोहरी की भैंसरावन सब रेंज की बीट गढ़ा के कंपार्टमेंट के 850 में श्योपुर जिले के तिमानिया गांव में रहने वाला कल्याण यादव 20 बीघा जमीन पर कब्जा करके खेती कर रहा है। वन भूमि की जमीन पर सभी फसलें लेने के उद्देश्य से कल्याण ने बोरिंग की मशीन लगा दी थी। शनिवार को रात के अंधेरे में जंगल की जमीन पर हो रहे बोर की आवाज जब फोरेस्ट के उड़नदस्ते ने सुनी तो मौके पर जाकर मशीन को जब्त कर लिया। इस मामले में उस बीटगार्ड पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी निगरानी के बावजूद जंगल की जमीन पर खेती हो रही है, और न ही उस शख्स पर जो वन भूमि में बोरिंग करवा रहा था।
पोहरी रेंजर केपीएस धाकड़ से सीधी बात
● पोहरी के वन भूमि में कहीं बोरिंग मशीन पकड़ी है क्या?
जवाब- हां, भैंसरावन रेंज की गढ़ा बीट के कंपाटमेंट 850 में बोर कर रही मशीन को हमारे उड़नदस्ते ने बीती रात पकड़ा है।
● इसमें आरोपी क्या सिर्फ मशीन वालों को बनाया है?
जवाब- बोरिंग करने वाली मशीन की टीम के अलावा जो शख्स वहां बोर करवा रहा था, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
● जो वन भूमि पर खेती कर रहा है, उससे कब्जा नहीं छुडाएंगे क्या?
जवाब- अभी तो बोर करने से रोक दिया है। जब हमारे विभाग की तरफ से उस जमीन के लिए प्लांटेशन स्वीकृत होगा, तब उसका कब्जा हटाकर प्लांटेशन कर देंगे, तो फिर कब्जा नहीं होगा।
कब्जा हटाने प्लांटेशन स्वीकृति का इंतजार
फोरेस्ट की जमीन पर बोरिंग करते हुए वन विभाग ने मशीन तो पकड़ ली, लेकिन जो शख्स वन भूमि पर बोर करवा रहा था, उसका कब्जा हटाने के लिए पोहरी के रेंजर को प्लांटेशन स्वीकृत होने का इंतजार है। उनका कहना है कि ऐसे हटाने से कब्जेधारी नहीं मानते हैं, इसलिए वहां जब प्लांटेशन स्वीकृत होगा, तो कब्जामुक्त करवा लेंगे। यानि तब तक कब्जेधारी फसलें कर सकता है।
मशीन वाले बोले, हमें नहीं पता जमीन किसकी : शिवपुरी में बोरिंग का काम करने वाली अधिकांश मशीनें तमिलनाडू से आती हैं और पकड़ी गई गाड़ी भी वहीं की है। जब फोरेस्ट की टीम ने मशीन को बोर करते पकड़ा तो उस पर काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि हमें तो पता नहीं था कि यह जमीन किसकी है। हम तो यही सोचकर बोर कर रहे थे कि वो अपनी निजी जमीन पर बोर करवा रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि कब्जेधारी व मशीन को लाने वाला एजेंट भी अब गायब हो गए।
Published on:
03 Apr 2023 03:15 pm
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