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गाय को किसान ने खेत से भगाया, नाले में गिरने से मौत, पंचायत ने गो-हत्या का दोषी माना; कहा- पहले गंगा नहाकर आओ फिर मिलेगी सजा

शिवपुरी जिले में पंचायत के द्वारा एक परिवार को तुगलकी फरमान सुनाया गया है। पीड़ित को प्रयागराज जाकर गंगा स्नान करना होगा।

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गाय को किसान ने खेत से भगाया, नाले में गिरने से मौत, पंचायत ने गो-हत्या का दोषी माना; कहा- पहले गंगा नहाकर आयो फिर मिलेगी सजा

शिवपुरी. मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में पंचायत के द्वारा एक परिवार को तुगलकी फरमान सुनाया गया है। यहां के एक परिवार का पंचायत ने बहिष्कार किया है और उसे गंगा नहाने की सजा सुनाई है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि परिवार के गंगा नहाने के बाद पंचायत यह तय करेगी की उस परिवार को क्या सजा दी जाए। दरअसल,, जिले के करैरा थाना अंतर्गत ग्राम मामॉनी कला में शुक्रवार को एक किसान भरत सिंह लोधी के मूंगफली के खेत में गाय के घुस जाने पर गाय को भगाया तो गाय नाले में गिर गई जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद रविवार की रात्रि महा पंचायत बुलाई गई और सरपंच ने जानकारी दी की भरत सिंह लोधी को प्रयागराज जाकर गंगा स्नान करना होगा।

हुक्का पानी बंद
पंचायत ने भरत सिंह लोधी को गो-हत्या को दोषी माना और उसका हुक्का-पानी बंद करते हुए उसे प्रयागराज जाकर गंगा स्नान करने के लिए कहा। परिवार के लौटने के बाद पंचायत यह तय करेगी की गंगा स्नान से परिवार का पाप मिटा या नहीं।

क्या कहना है पीड़ित परिवार का
भरत सिंह लोधी के भाई मनोज ने बताया कि शुक्रवार को भाई के मूंगपली के खेत में गाय घुसकर फसल को उजाड़ रही थी। भरत ने उसे वहां से खदेड़ा जिस कारण गाय खेत के पास बहने वाले नाले में गिर गई और उसके मौत हो गई। जिसके बाद गांव वालों ने भाई को गोहत्या का दोषी मानकर बात करना बंद कर दिया। इसके बाद पंचायत ने फैसला सुनाया कि जब तक परिवार के सदस्य गंगा स्नान नहीं करते तब तक उनसे परिवार का कोई भी सदस्य बातचीत नहीं करेगा और उनके साथ किसी तरह का लेनदे नहीं रखेगा। मनोज ने बताया कि पंचायत का कहना है कि गंगा स्नान के बाद पंचायत फिर से फैसला सुनाएगी।

क्या कहना है सरपंच का
मामोनी कला के सरपंच नवल सिंह गुर्जर के अनुसार, अभी भरत का परिवार प्रयागराज गंगा स्नान के लिए गया है। लौटकर आने के बाद फिर से पंचायत होगी। इसमें आसपास के चार-छह गांव के बुजुर्ग पंच रहेंगे। जो भी फैसला देंगे, उसे पूरा करने के बाद ही भरत और उसका परिवार गो-हत्या के पास से मुक्त होगा।