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कार के पास खड़ी थी गरीब वृद्धा, फिर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने किया गजब का काम

pandit shastri car करैरा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की संवेदनशीलता भी सामने आई। उन्होंने भीड़ में खड़ी एक गरीब वृद्धा को अपनी कार में बिठा लिया।

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pandit shastri car

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मध्यप्रदेश के इंटरनेशनल कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों शिवपुरी के करैरा में हैं। यहां उनकी भागवत कथा चल रही है जिसे लाखों लोग सुनने आ रहे हैं। कथा के दौरान गुरुवार को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिव्य दरबार लगाया। दरबार में उन्होंने क​ई लोगों की समस्याओं और उनका निदान पर्ची के माध्यम से किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री इस मौके पर मीडिया से भी रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को कम से कम कर 4 बच्चे पैदा करना चाहिए और उनमें से दो बच्चे सनातन धर्म को समर्पित कर देना चाहिए। करैरा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की संवेदनशीलता भी सामने आई। उन्होंने भीड़ में खड़ी एक गरीब वृद्धा को अपनी कार में बिठा लिया।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया। शिवपुरी जिले के करैरा में मीडिया से चर्चा
करते हुए उन्होंने देश में हिंदुओं की कम होती संख्या पर चिंता जताई। पंडित शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं की घटती हुई आबादी और गजवा ए हिंद चाहने वाले लोगों की बढ़ती हुई आबादी देश के लिए घातक है। इसलिए हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से दो बच्चे सनातन धर्म के लिए समर्पित करने चाहिए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू बचेगा, तो हिंदुस्तान बचेगा। हिंदू मतलब जीवन शैली है, हिंदू मतलब कोई कट्टरता नहीं है। हिंदू का मतलब है इस देश की आचार संहिता। इस देश को और दुनिया को जीने की कला सिखाने वाली सभ्यता, हिंद महासागर के पास रहने वाली सभ्यता को ही हिंदू सभ्यता कहते हैं। इस देश में रहने वाले मुसलमान व ईसाई भी कन्वर्टेड हिंदू है।

यह भी पढ़ें: पर्ची में कैसे बता देते लोगों की समस्याएं और निदान, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने खुद खोला राज

वृद्धा को अपनी कार में बिठाया
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनने करैरा तहसील में भक्तों की खूब भीड़ आ रही है। भक्त, उनसे मिलने के लिए बेताब रहते हैं। बुधवार शाम को एक गरीब बुजुर्ग महिला ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मिलने की इच्छा जताई। वह उनकी कार के पास खड़ी हो गई। ऐसे में उन्होंने संवेदनशीलता और सरलता दिखाते हुए भरी भीड़ में से उस बुजुर्ग महिला को अपनी कार में बैठा लिया।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा कार में बैठने की बात सुनते ही वृद्धा एक क्षण के लिए अवाक रह गई। फिर वे संभलीं और कार में बैठने से पहले गाड़ी के अंदर हाथों से प्रणाम किया और इसके बाद ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कार में बैठीं। यह नजारा देखकर वहां मौजूद भक्तों की भीड़ ने गुरुदेव के जयकारे लगाए।