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3 मार्च तक जरूर करा लें ये काम, नहीं तो बंद हो जाएगा राशन

Ration Card Yojana : ई-केवायसी न होने से जिले के लाखों उपभोक्ताओं का राशन 3 मार्च से बंद हो जाएगा। जिले में ई-केवायसी न होने वाले सदस्यों की संख्या 6 लाख 41 हजार 746 है।

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ढाई साल बाद भी e-KYC अधूरी! 1.45 लाख राशनकार्ड सदस्यों का अपडेट लंबित, मई 2023 से धीमी रफ्तार(photo-patrika)

ढाई साल बाद भी e-KYC अधूरी! 1.45 लाख राशनकार्ड सदस्यों का अपडेट लंबित, मई 2023 से धीमी रफ्तार(photo-patrika)

Ration Card Yojana : मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की 647 उचित मूल्य की दुकानों से 12,08056 उपभोक्ता हर माह राशन ले रहे हैं लेकिन बच्चों के आधार कार्ड अपडेट न होने, बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट और मजदूरों के पलायन के कारण कई लोगों की ई-केवायसी नहीं हो पा रही है। ऐसे में 3 मार्च से 641746 लोगों का राशन बंद होने की संभावना है।

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बच्चों के आधार कार्ड अपडेट नहीं

ई-केवायसी(Ration Card E-KYC) न होने से जिले के लाखों उपभोक्ताओं का राशन 3 मार्च से बंद हो जाएगा। जिले में ई-केवायसी न होने वाले सदस्यों की संख्या 6 लाख 41 हजार 746 है। बड़ी संख्या में ई केवायसी न होने के कारणों की जब पड़ताल की गई तो पता चला कि व्यावहारिक परेशानियों की वजह से ई-प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इनमें सर्वाधिक समस्या बच्चों के आधार कार्ड अपडेट नहीं होना बताया गया है, वहीं बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट भी मिसमैच हो रहे है। साथ ही मजदूरों के पलायन के कारण राशन की उचित मूल्य दुकानों पर इन सदस्यों की ई केवायसी नहीं हो पा रही है।

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मार्च से पहले अधिक से अधिक सदस्यों की ई-केवायसी(Ration Card E-KYC) कराने के लिए खाद्य विभाग जमीनी स्तर पर प्रयास कर रहा है। विभाग की कोशिश है कि जितना संभव हो उतने सदस्य जोड़ लिए जाएं। इस कार्य के लिए सेल्समैनों की सहायता भी ली जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले में 647 उचित मूल्य की दुकानों से 12,08056 सदस्य प्रतिमाह राशन(Ration Card Yojana) लेते हैं। उचित मूल्य की दुकानों से जुड़े सदस्यों की ई केवायसी में 48 प्रतिशत का आंकड़ा तो प्राप्त किया जा चुका है, लेकिन 52 प्रतिशत अभी भी शेष है। जिसके लिए सभी जिम्मेदारों को जरूरी उपाय समय रहते कर लेना चाहिए।

वन नेशन वन कार्ड की लास्ट डेट 3 मार्च

वन नेशन वन कार्ड की राष्ट्रीय योजना के अंतर्गत उचित मूल्य की राशन दुकानों से राशन लेने वाले प्रत्येक सदस्य को सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी पडंगी। प्रमुखता से पीओएस मशीन से ई-केवाईसी(Ration Card E-KYC) कराना जरूरी होगा। इसके लिए लास्ट डेट 3 मार्च रखी गई है, जो सदस्य वन नेशन वन कार्ड का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें अनिवार्य तौर पर ई-केवाईसी समय सीमा से पहले करानी होगी, अन्यथा की स्थिति में उन्हें राशन नहीं मिलेगा।

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वन नेशन वन कार्ड(One Nation One Ration Card Yojana) के नियम लागू होने से पहले अधिक से अधिक सदस्यों को इस योजना से जोड़ने के लिए जिम्मेदार अधिकारी जमीनी स्तर पर भी अभियान चलाकर कार्य कर रहे हैं। उनकी समस्या यह है कि कई कार्ड धारी केंद्र से जरूरी गाइड लाइन का पालन एक नहीं कई कारणों से कर पाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसी इस्तिथि में विभाग भी यह समझ रहा है कि 3 मार्च से पहले तक उस आंकड़े को वह नहीं छू पाएंगे, जो वर्तमान में उचित मूल्य की दुकान से राशन ले रहा है।

खत्म होगा राशन घोटाला

वन नेशन वन कार्ड योजना(One Nation One Ration Card Yojana) में खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट तौर पर यह घोषणा कर दी है कि 3 मार्च के बाद वही सदस्य उचित मूल्य की दुकान से राशन लेने के पात्र होंगे जो वन नेशन वन कार्ड योजना में पंजीकृत होंगे। सदस्यों की प्रमाणिकता के लिए ई-केवायसी की अनिवार्य शर्त है। ई-केवायसी न होने पर जो सदस्य वर्तमान में उचित मूल्य की दुकान से राशन का लाभ ले रहे हैं, उन्हें खाद्य मंत्रालय के निर्देशानुसार 3 मार्च के बाद राशन नहीं मिलेगा। उल्लेखनीय है कि जिलेभर की कई खाद्य दुकानों पर राशन न बांटने और फर्जी सदस्यों को जोड़कर राशन का घोटाला करने की शिकायतें आती रहती हैं। वन नेशन वन कार्ड योजना में जो प्रावधान किए गए हैं, उनसे किसी भी तरह के राशन घोटाले की संभावना न के बराबर रह जाएगी।

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खाद्य विभाग चला रहा अभियान

वन नेशन वन कार्ड योजना से कोई पात्र व्यक्ति वंचित न रह जाए इसके लिए खाद्य विभाग जमीनी स्तर पर अभियान चला रहा है। अभियान अंतर्गत प्रतिदिन सदस्यों के आंकड़ों की समीक्षा कर यह देखा जाएगा कि जिले भर की 647 दुकानों से राशन लेने वाले 12,08056 सदस्य पूर्व की भांति जुड़े रहें। विभाग को परेशानी यह आ रही है कि बहुत बड़ी संख्या में सदस्यों की ई केवायसी नहीं है। इसके अतिरिक्त भी कई समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए विभाग के साथ साथ जिले के जिम्मेदार अधिकारी भी प्रयासरत हैं कि वन नेशन वन कार्ड योजना में भी पात्र व्यक्ति को सरकार की तरफ से मिलने वाला 3 किलो गेहूं, 2 किलो चावल मिलता रहे और अंत्योदय योजना के हितग्राहियों को 22 किलो गेहूं, 1 किलो शकर, 13 किलो चावल व 1 रुपए प्रति किलो नमक मिलता रहे।