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दुष्कर्म के बाद कई दिनों से भूखी-प्यासी पड़ी थी महिला, किन्नर ने यह काम कर बचा ली जान

जब किसी ने भी उसकी मदद नहीं की तब आगे आया किन्नर

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किसी ने भी उसकी मदद नहीं की तब आगे आया किन्नर

शिवपुरी. किन्नरों के प्रति समाज में कुछ हद तक बेरुखी की धारणा है पर मध्यप्रदेश में एक किन्नर ने मानवीयता की मिसाल पेश की. जिले की रहने वाली मानसिक रूप से कमजोर एक महिला दुष्कर्म का शिकार हो गई थी. वह कई दिनों से भूखी—प्यासी पड़ी थी और मरणासन्न अवस्था में पहुंच गई. ऐसे समय में जब किसी ने भी उसकी सुध नहीं ली तब एक किन्नर आगे आया और उसकी मदद कर उसे जीवनदान दे दिया.

बैराड़ पुलिस के अनुसार 28 अक्टूबर को मानसिक रूप से कमजोर एक महिला बस में सवार हुई थी। बस का क्लीनर पीपी आदिवासी उसे बहला-फुसलाकर गांव ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने ज्यादती का विरोध किया तो आरोपी ने उसे जला दिया. महिला को पॉलीथिन से चेहरे, पेट और पैर को दाग दिया। इतना ही पीड़िता को तालाब में डुबाने की भी कोशिश की। कई लोगों ने ये दर्दनाक नजारा देखा पर किसी ने भी उसकी हैवानियत का विरोध नहीं किया।

अधमरी हालत में महिला तीन दिनों तक भूखी प्यासी एक मंदिर में पड़ी रही। तब भी महिला की किसी ने भी मदद नहीं की पर एक किन्नर से उसकी यह हालत देखी नहीं गई. उसने महिला की पीड़ा सुनकर उसकी भरपूर मदद की. इतना ही नहीं किन्नर ने पूरे मामला की जानकारी पुलिस तक भी पहुंचा दी. किन्नर की सूचना के बाद बैराड़ पुलिस ने पीड़िता के बयान लिए और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया।

किन्नर की इस मानवीयता के लिए उसकी प्रशंसा की जा रही है- बैराड़ पुलिस के अनुसार पीड़िता 28 अक्टूबर को मौसी के घर जाते समय गायब हो गई थी। पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया, उसे जलाया और जान से मारने की भी कोशिश की. घटना सामने आने के बाद आरोपी फरार हो गया है। इधर किन्नर की इस मानवीयता के लिए उसकी खासी प्रशंसा की जा रही है.

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