
पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार शिक्षक फोटो सोर्स पुलिस के ट्विटर अकाउंट से
Shravasti News: श्रावस्ती जिले में फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे शिक्षा विभाग में 10 वर्षों तक नौकरी करने वाले जालसाज शिक्षक को पुलिस ने अंततः गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस को करीब एक वर्षों से चकमा देकर फरार चल रहा था। नौकरी करने के दौरान उसने अपना नाम पता भी फर्जी दिया था। पुलिस ने जालसाज शिक्षक के खिलाफ 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
Shravasti News: श्रावस्ती जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र कूट रचित टीईटी प्रमाण पत्र, अंक पत्र फर्जी नाम पता के सहारे शिक्षक की नौकरी हथियाने वाला जालसाज शिक्षक मूल रूप से हरदोई जिले के 108 राधानगर क्षेत्र का रहने वाला था। उसने राहुल वर्मा पुत्र कृष्ण कुमार वर्मा के नाम से वर्ष 2011 में बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक बना। इसकी तैनाती श्रावस्ती जिले की जमुनहा प्राथमिक विद्यालय के त्रिलोकपुर में सहायक शिक्षक के पद पर हुई थी।
राहुल वर्मा के नाम से नौकरी कर रहे जालसाज का असली नाम अजय वर्मा उर्फ डम्पी पुत्र कृष्ण वर्मा था। वह हरदोई जिले के ग्राम अनंग बेहटा के मजरा अब्दुल पुरवा का रहने वाला था। अभिलेखों की जांच में पता चला कि उसका जाति प्रमाण पत्र, टीईटी प्रमाण पत्र, प्राथमिक स्तर अंक प्रमाण पत्र डीएड (स्पेशल एजुकेशन मेंटल रिटार्डेशन) प्रमाण पत्र भी फर्जी है। जांच के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उसे बर्खास्त कर दिया था। इस मामले में 26 नवंबर 2024 को खंड शिक्षा अधिकारी जमुना ने हरदत नगर गिरनट थाने में धोखाधड़ी जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उसके बाद से शिक्षक पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले जलसाज शिक्षक को सब इंस्पेक्टर अंकुर वर्मा की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
Updated on:
06 Jun 2025 09:23 pm
Published on:
06 Jun 2025 09:23 pm
