
मनीष हत्याकाण्ड: पांच दिनों के बाद टूटा मामा का अनशन, प्रशासन ने मांग पर संस्तुति करने को कहा
सिद्धार्थनगर. मनीष हत्याकाण्ड की जांच सीबीआई से कराए जाने व तत्कालीन थानाध्यक्ष के भूमिका की जांच सहित अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे मनीष के मामा रवीन्द्र मिश्र ने एसडीएम व एएसपी के अश्वासन पर अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया। अधिकारियों ने अश्वस्त किया कि उनकी जो भी मांग है उसके सबंध में संस्तुति के साथ उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। जिसके बाद आमरण अनशन खत्म कर दिया गया।
शेाहरतगढ़ स्थिति शिवपति पीजी कॉलजे में बीएसई के छात्र रहे मनीष शुक्ल 21 जनवरी को कॉलेज से हॉस्टल से गायब हो गया था। इस बीच लापाता मनीष की तलाश पुलिस कर ही रही थी कि 29 जनवरी को बानगंगा नदी में मनीष की लाश मिलती तो मामले में नया मोड़ आ गया। पुलिस ने हत्या मान कर मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं इस मामले में पांच युवकों को हिरासत में लेकर लम्बी पूछताछ के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए पांचों युवकों को छोड़ दिया।
इधर सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा था। वहीं दूसरी ओर हत्यारों का पुलिस की गिरफ्त सो दूर होने पर मनीष के मामा राजेन्द्र मिश्र ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। पांच दिनों के बीच पुलिस ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांग पर अडे रहे। शनिवार को डीएम के प्रतिनिधि के रूप में उपजिलाधिकारी डॉ.महेंद्र कुमार, एएसपी अरविंद मिश्र की आधे घंटे तक चली वार्ता में यह आश्वासन दिया कि जो भी उनकी मांग है उसकी संस्तुति करते हुए उच्चाधिकारियों के साथ शासन को भेज दिया जाएगा। साथ ही जिस एजेन्सी से मामले की जांच कराना चाहते है उसकी भी संस्तुति की जाएगी। इस दौरान मौके पर पहुंचे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि जांच एजेंसी कोई भी हो हत्यारे पकडे़ जाने चाहिए। जिस पर आमरण अनशन खत्म कर दिया गया। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख उग्रसेन सिंह, सपा जिला उपाध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी आदि मौजूद रहे।
Updated on:
3 Mar 2018, 6:42 PM IST
Published on:
3 Mar 2018, 6:42 PM IST
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