
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल (X Photo)
Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर में भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार नकल माफियाओं और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाने जा रही है। उनका दावा है कि संसद में ऐसा कानून बनाया जाएगा, जिसमें दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।
सिद्धार्थनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि शिक्षा मंत्री ने जिस तरह से इस्तीफा दिया, उन्होंने देश के उन छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में आज शिक्षा के क्षेत्र में भारत दुनिया में प्रगति कर रहा है, स्वाभाविक है कि ये हमारी सरकार की उपलब्धियां हैं। इस पर राहुल गांधी शुरूआत से ही राजनीति कर रहे हैं। पहली बार ऐसी सरकार आई है जिसने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक राजनीतिक विषय नहीं है कल संसद की कार्यवाही शुरू होगी, उसमें नकल माफियाओं और पेपर लीक करने वाले लोगों को कड़ी सजा देने का कानून बनाया जाएगा। इससे साफ है कि ये सरकार देश के छात्रों के भविष्य के साथ समझौता करने के लिए कतई तैयार नहीं है। इसके बाद जगदंबिका पाल ने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा सदस्यों के बीच प्रसारित प्रस्तावित संशोधन विधेयक के मसौदे के मुताबिक, पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी। दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं, संगठित तरीके से पेपर लीक या परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों के लिए न्यूनतम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
प्रस्तावित विधेयक के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी सेशन कोर्ट को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में अधिसूचित करने का अधिकार मिलेगा। इन अदालतों में मामलों की रोजाना सुनवाई होगी और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Updated on:
26 Jul 2026 07:30 pm
Published on:
26 Jul 2026 07:30 pm
