
बुंदेलखंड झांसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सुरेंद्र दुबे अब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के कुलपति होंगे। प्रो.दुबे की इस नयी जिम्मेदारी का आदेश जारी कर दिया गया है। प्रो.सुरेंद्र दुबे गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष व कला संकाय के डीन रह चुके हैं।
कुशीनगर के मूल निवासी प्रो.सुरेंद्र दुबे की शिक्षा-दीक्षा गोरखपुर विवि में ही हुई है। हिंदी, संस्कृत एवं प्राचीन इतिहास से स्नातक एवं हिंदी विषय से एमए करने के बाद यहीं से उन्होंने पीएचडी एवं डी लिट् की उपाधि प्राप्त की।
पडरौना के उदित नारायण पीजी काॅलेज के हिंदी विभाग में छह साल तक अध्यापन करने के बाद उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय कैंपस के हिंदी विभाग में अध्यापन शुरू किया। यहां शिक्षण कार्य करते हुए उन्होंने विवि की विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलता पूर्वक निर्वहन किया।
विवि के कला संकाय के अधिष्ठाता, हिंदी विभाग के अध्यक्ष, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, सहायक नियंता के रूप में काम करने के अलावा श्री दुबे यूजीसी द्वारा आयोजित होने वाली नेट-जेआरएफ परीक्षा के समन्वयक रहे। राज्य सरकार द्वारा आयोजित संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के स्टेट कोआर्डिनेटर रह चुके प्रो दुबे के निर्देशन में चार दर्जन से अधिक शोधार्थी अवार्ड पा चुके हैं।
श्री दुबे की कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं जबकि आधा दर्जन से अधिक किताबों का संपादन किया है।
बुंदेलखंड विवि के कुलपति पद को दो साल से अधिक समय तक सुशोभित करने करने के बाद कार्यकाल रहते ही उनको अब नए विवि की कुलपति पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
बता दें कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना समाजवादी पार्टी के शासन में किया गया था। कपिलवस्तु में स्थापित इस विश्वविद्यालय की नींव पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहले कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रो. रजनीकांत पांडेय बनाए गए थे। वह विवि के ओएसडी भी रह चुके थे। प्रो.सुरेंद्र दुबे इस विश्वविद्यालय के दूसरे कुलपति होंगे। उनकी नियुक्ति पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने बधाई दी है।
Published on:
11 May 2018, 3:55 PM IST
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