
योगी आदित्यनाथ
सिद्धार्थनगर. प्रदेश के सात जिलों में अधिक है प्रजनन दर, किया जा रहा यह इंतजाम : परिवार नियोजन में सुनिश्चित होगी पुरुषों की भागीदारी : योजना के लिए प्रदेश के सात जिलों का हुआ चयन सिद्धार्थनगर। प्रदेश के सात जिलों में प्रजनन दर अधिक होने से जनसंख्या नियंत्रण के लिए जा रहे प्रभावी उपाय भी कामयाब नही हो रहे है। जिससे प्रदेश सरकार ने अब यह उपाय करने जा रही है। प्रदेश के प्रदेश के सीतापुर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी में प्रजनन दर अधिक है। जिसको लेकर सरकार चिन्तित है। इसके लिए पुरूष मेंटर तैनात किए जाने की योजना तैयार की जा रही है। जिनके माध्यम से पुरूषों को लोगों को जागरूक करने के लिए तैयार किया जाएगा। जिससे कि लोग परिवार नियोजन के उपायों प्रयोग कर सकें और जनसंख्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। इसके लिए ग्राम सभाओं फेमिली मेंटर तैनात किए जाएंगे। जो गांव के लोगो को परिवार नियोजन का पाठ पढ़ाने का काम करेंगे जिससे कि जनसंख्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
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सभी फैमिली मेंटर को परिवार नियोजन के उपायों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे कि वह आसानी से गांव के लोगों को इसके बारे में जानकारी दे सकें। शासन की मंशा के अनुसार प्रदेश के अधिक प्रजनन दर वाले जिलों में इस योजना को लागू किया जा रहा है। जिसमें गांव के ऐसे व्यक्ति का चयन किया जाएगा जो जनसंख्या स्थिरता को लेकर रूचि रखता हो तथा स्वयं परिवार नियोजन के विधियों का इस्तेमाल करता है। जिससे कि उनके द्वारा गांव के लोगों को परिवार को नियोजित करने के उपायों के बारे में आसानी से जानकारी दी जा सके।
स्वेच्छा से काम करने वाले फैमिली मेंटर को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि उन्हें कोई परेशानी न होने पाए। अभी तक परिवार नियोजन के उपायों से पुरूष दूर भाग रहे थे। नसबन्दी सहित परिवार नियोजन के अन्य उपायों को अपनाने के लिए महिलाओं को आगे कर रहे थे। लेकिन अब पुरूषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुरूष फैमिली मेंटर के माध्यम से पुरूषों को नसबंदी सहित परिवार नियोजन के लिए अन्य उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। जिससे कि परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बाक्स पुरूषों तक नहीं पहुंच पा रही थी पूरी जानकारी परिवार नियोजन के लिए कार्य करने वाली प्रथम पक्ति की आंशा, आंगनबाड़ी व एएनएम के महिला होने के कारण पुरूषों को परिवार नियोजन की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
जिसके चलते परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पा रही थी। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण में पुरूषों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा यह तय किया गया कि सभी ग्राम पंचायतों में एक पुरूष को फैमिली मेंटर के रूप में प्रशिक्षित कर गांव के पुरूषों को परिवार नियोजन के उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। जिससे कि जनसंख्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। पुरूष फैमिली मेंटर पुरूषों को पुरूष नसबंदी के साथ ही कंडोम आदि के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी देंगे। साथ ही महिलाओं को गर्भनिरोधक गोली, आईयूसीडी, पीपीआयूसीडी आदि के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
प्रदेश के सीतापुर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी जिलों में प्रजनन दर अधिक है। पहले से चलाई जा रही परिवार नियोजन के उपायों का अधिक प्रभाव नहीं होने के चलते पुरूष फैमिली मेंटर योजना की शुरूआत की गई है, जिसके लिए पुरूष फैमिली मेंटरों का प्रशिक्षण ब्लॉकों पर शुरू हो चुका है। इसके बाद इनके द्वारा गांव के लोगों को परिवार नियोजन के उपायों के बारे में बताया जाएगा।
मान बहादुर डीसीपीएम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
by Suraj Kumar
Published on:
10 Dec 2017 05:58 pm
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