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अपराध डायरी: निर्भय नहीं निर्भया का जीवन, 3 वर्ष में 1700 से ज्यादा वारदातें

जिले में महिला हिंसा के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हैरान करने वाली घटनाएं, जिनमें महिला ही बनी हिंसा की वजह

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3 years More than 1700 incidents in sidhi women violence

3 years More than 1700 incidents in sidhi women violence

सीधी। जिले में महिला हिंसा के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शासन की तमाम सख्ती के बावजूद इन घटनाओं पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा। जबकि, यहां महिला अफसरों की भी कमी नहीं है। बीते एक सप्ताह के भीतर चार नाबालिग बच्चियों से दुष्कृत्य की घटनाएं भी सामने आई हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि आरोपियों ने महिलाओं के सहयोग से ही वारदात को अंजाम दिया है।

पुलिस में दर्ज आंकड़ों की बात करें तो जिले में 2015 से 2017 तक 1700 से ज्यादा मामले महिला अपराध के पंजीबद्ध हैं। इनमें दहेज हत्या, उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाना, दहेज प्रताडऩा, दुष्कर्म, अपहरण भी शामिल हैं। जो कि महिला सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।

साल-दर-साल बढ़े दुष्कर्म के आंकड़े
जिले में दुष्कर्म की घटनाएं साल-दर-साल बढ़ रही हैं। 2015 में 26 घटनाएं पुलिस में दर्ज थीं, 2016 में 28, लेकिन 2017 में दिसंबर पूर्ण होने से पहले ही 32 मामले पंजीबद्ध हो चुके हैं।

केस-1
जिले में मामा ने ही रिश्तों को शर्मसार कर दिया। मड़वास पुलिस चौकी अंतर्गत निवासी एक नाबालिग लड़की बस में सवार होकर अपने घर जा रही थी। रास्ते में मामा शिवरतन यादव निवासी सतनरा पवाई डोल गांव में नाबालिग को बस से उतारकर ऑटो से घर पहुंचाने का आश्वासन दिया। उसके झांसे में आकर बच्ची बस से उतर गई और कथित मामा शिवरतन के साथ ऑटो पर सवार होकर गांव की ओर चल दी, लेकिन आरोपी ने उसे डोल की बजाय खाम्ह की ओर ले गया। पीडि़ता ने विरोध किया, लेकिन वह नहीं माना। फिर रास्ते में सूनसान जगह पाकर उसे हवस का शिकार बनाया।

केस-2
पथरौला चौकी क्षेत्र में एक आरोपी ने बुआ के सहयोग से भतीजी को हवस का शिकार बनाया। सूखी निवासी एक नाबालिग बकवा में बुआ के यहां रह कर पढ़ाई कर रही थी। बुआ सीनू सिंह आरोपी बालिकरण सिंह को घर बुलाया और चाय-नाश्ते के बाद कमरे में भतीजी के साथ छोड़ दिया। जहां आरोपी ने दुष्कृत्य की घटना को अंजाम दिया। मां को जानकारी लगी तो वह महिला के घर जाकर विरोध किया, लेकिन पुलिस से शिकायत नहीं की। इधर, अपनों से नाराज पीडि़ता ने घर छोडऩे का निर्णय लिया। हालांकि, जबलपुर जाते समय पुलिस ने उसे कटनी में बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया।

केस-3
बहरी थाना अंतर्गत भितरी गांव में एक नाबालिग जंगल बकरी चराने के लिए गई थी, जिसके बाद एक युवक ने चाची के सहयोग से उसे हवश का शिकार बनाया। दरअसल, नाबालिग के माता-पिता धान कटाई के लिए यूपी गए थे। बच्ची भाई-बहनों के साथ घर में रहती थी। 30 नवंबर की शाम करीब 4 बजे नाबालिग जंगल में बकरी चराने के लिए गई थी। जहां एक महिला अपने उसे घर बुलाकर ले आई और कमरे के अंदर भतीजे राजा साहू पिता लखन निवासी भितरी के सुपुर्द कर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। जहां आरोपी गलत काम करता रहा। पुलिस ने काफी विरोध के बाद महिला को भी आरोपी बनाया।