
dead body 8 km tribal on shoulder in sidhi madhya pradesh
सीधी। मध्यप्रदेश का सीधी जिला शव वाहन के आभाव में आए दिन शर्मसार होता है। आजादी के 70 साल बाद भी पिछड़ेपन के कारण मानव जीवन तो संकट से गुजरता ही है साथ ही मौत के बाद भी मुर्दे को शर्मसार होना पड़ता है। यहां सरकार चाहे भाजपा की आए या फिर कांग्रेस की शव बांस-बल्ली के सहारे ही श्मशान तक जाएंगे।
हालांकि कई बार जिले के जनप्रतिनिधियों ने शव वाहन की व्यवस्था भी कराई लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण वाहन जर्जर हो गए। और गरीब लोगों को स्वयं के व्यय से वाहन उपलब्ध कराने की नसीहत दी जाने लगी। पूरे देश में केन्द्र और राज्य सरकारें डिजिटल इंडिया की दुहाई दे रही है लेकिन सीधी जिले की समस्या की ओर आज तक कोई गौर नहीं किया।
फांसी का फंदा लगाकर आत्हत्या
जानकारी के अनुशार सुमित्रा पति संदीप सेन 24 वर्ष निवासी ताला (पावा टोला) ने घर के बाहर स्थित पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर आत्हत्या कर ली। जैसे ही मामले की जानकारी परिजनों को लगी तो पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतार कर पंचनामा कार्रवाई कर पीएम के लिए मझौली ले जाने की बात कही।
शव को बांधकर 8 किमी. दूर कंधे में ले गए
शव वाहन के आभाव में रविवार की रात नगर पंचायत के कचरा वाहन से मझौली स्थित सरकारी अस्पताल शव लाया गया। जहां सुबह चिकित्सकों ने शव का पीएम किया। इसके बाद जब शव ले जाने की बारी आई तो सब लोग यहां-वहां भटकने लगे। मझौली पुलिस से शव वाहन की मांग की गई तो वरिष्ठ अधिकारियों ने पल्ला झांड दिया। अंत में बांस-बल्ली के सहारे शव को बांधकर 8 किमी. दूर कंधे में ले गए।
ये है परिजनों का आरोप
एक तरफ जहां मृतका के ससुराल वाले आत्महत्या बता रहे हैं। ठीक विपरीत मायके पक्ष के परिजन उसे हत्या बता रहे है। मृतका के भाई रामकुमार की मानें तो मृतका का पति संदीप व ससुर राजकुमार एवं सास रजनी ने उसकी बहन को मारकर उसे आत्महत्या का रूप दिया हैं। क्योकि उसकी बहन ने 18 दिसंबर को फोन लगाकर बताया था कि उसके पति संदीप ने उसे और ससुर राजकुमार को मारा था। इसलिए तुम आकर मुझे मायके ले चलो। तब अगली सुबह 19 दिसंबर को भाई 3 अन्य लोगों के साथ बहन के घर गया था। तब उसकी सास ने बहू और ससुर के बीच नाजायज संबंध होने की बात बताई थी। लोक-लज्जा के कारण दोनों को समझाइश देकर घर आ गया। इसी के बाद बहन की हत्या कर दी गई।
डिजिटल इंडिया की ये है असली तस्वीर
भारत में डिजिटल इंडिया की असली तस्वीर आए दिन सीधी जिले में देखने को मिलती है। फिर भी शासन-प्रशासन के लोग मुंह फेर कर आगे बढ़ जाते है। पूरे सालभर में आधा सैकड़ा के लगभग मामला सामने आ चुके है। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा आज तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया।
Published on:
25 Dec 2017 06:31 pm
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