। जिला पंचायत सीईओ की मनमानी को लेकर सोमवार को आयोजित सामान्य प्रशासन समिति की बैठक फिर हंगामे व बहिष्कार की भेंट चढ़ गई। इस वजह से बैठक में निर्धारित कई महत्वपूर्ण एजेंडों और जिला पंचायत के बजट का अनुमोदन नहीं हो पाया। भड़के सीईओ अपनी नाकामी को छिपाते हुए कर्मचारियों के साथ जिपं सदस्यों पर भड़कते नजर आए।
स्टांप शुल्क और इंदिरा आवास योजना के घोटाले की बात आई तो सीईओ जवाब देने की जगह सदस्यों को कानून का पाठ पढ़ाने लगे। अंतत: सभापतियों ने कहा कि सदस्य आपके हाथ की कठपुतली नहीं है। इस तरह की मनमानी नहीं चलेगी है दम तो सीईओ आप बैठक कर लें। यह कहते हुए सामान्य प्रशासन समिति के छह सदस्यों में से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को छोड़कर चार सदस्य बैठक का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर चले आए।
गौरतलब है कि पत्रिका ने 28 मार्च को इंदिरा आवास घोटाले के मामले को लेकर बैठक में हंगामे के आसार रहने का समाचार प्रकाशित किया था और सोमवार को खबर सही साबित हुई।
अलग-थलग पड़े अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में अध्यक्ष क्तद्भ उपाध्यक्ष को लेकर छ: सदस्य हैं। जिसमें से कृषि स्थायी समिति के सभापति मनोज भारती, निर्माण कर्मकार मंडल समिति सभापति शशिप्रभा तिवारी, महिला एवं बाल विकास समिति सभापति सरिता शुक्ला एवं अखिलेश कुशवाहा सीईओ पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए बहिष्कार कर सदन से बाहर चले आए। ऐसे में सिर्फ अध्यक्ष अभ्युदय सिंह और उपाध्यक्ष राजमणि साहू एक दूसरे को ताकते कुछ देर तक सभागार में बैठे रहे और कुछ देर बाद वे भी वापस अपने चेंबर में आकर बैठ गए।
आप सुधारें अपनी टोन!
बैठक में सीईओ जिला पंचायत कृषि स्थायी समिति सभापति मनोज भारती को भी धौंस दिखाने से पीछे नहीं हटे। मनोज भारती ने सदन में आरोप लगाया कि इंदिरा आवास घोटाले में आपने मंजूरी दी है। सदस्य पिछले बैठक में ही इस अनियमितता को लेकर चर्चा कराने की बात कहे थे, तब आपने दोषियों का बचाव किया था। इस पर सीईओ ने सभापति को अपनी टोन सुधारने की नसीहत दी।
सदस्य पति पर सीईओ ने उतारी खीझ
सामान्य प्रशासन समिति की बैठक बहिष्कार के बाद सीईओ के द्वारा सामान्य सभा की बैठक भी स्थगित कर दी गई। इस पर जिपं सदस्य पति प्रदीप पटेल के द्वारा बैठक कक्ष के बाहर सीईओ से कहा गया कि सामान्य प्रशासन समिति की बैठक का बहिष्कार हुआ है किंतु सामान्य सभा की बैठक क्यों स्थगित कर रहे हैं, हम सदस्य इतनी दूर से अपना कार्य छोड़कर बैठक के लिए आते हैं और आप मनमानी बरतते हैं जिस पर सीईओ भड़क गए उनके द्वारा कहा गया कि आप कौन होते हैं मुझसे बात करने वाले व जिला पंचायत मे आने वाले आप सदस्य नहीं हैं। सीईओ अपनी खीज निकालते हुए मीडिया कर्मी के साथ भी अभद्रता की गई।
इन मुद्दों पर से रार
सीईओ मोहित बुंदस अपनी कार्यप्रणाली को लेकर आए दिन विवादों में रहते हंै। सदस्यों ने आरोप लगाया गया कि सीईओ सदस्यों के प्रस्ताव को तवज्जों नहीं देते, उसे कार्रवाई मे नोट नहीं कराते वहीं। वहीं सोमवार को आयोजित बैठक मे स्टांप शुल्क मे मनमानी व इंदिरा आवास योजना घोटाले को लेकर परियोजना अधिकारी की सेवा समाप्ति की मांग के साथ पुलिस मे मामला सौंपने की बात कही जा रही है। किंतु सीईओ चाहते थे कि जिला पंचायत के बजट का अनुमोदन हो जाए इसके बाद अन्य मुद्दों पर चर्चा होती रहेगी। जिस पर सदस्य भड़क गए और सीईओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले आए।
नहीं काम आई एकता बैठक
जिला पंचायत की बैठक निर्वाध चले, इसके लिए अध्यक्ष अभ्युदय सिंह ने सभी समितियों के सभापतियों और जिपं सदस्यों की बैठक उच्च विश्राम गृह में आयोजित की थी। इसमें कई सदस्य शामिल हुए। जहां एकता का राग अलापा गया किंतु वहां से बाहर निकलते ही सदस्य एकता के मंत्र को भूल गए और अपनी राग अलापने लगे। और अंतत: बैठक का बहिष्कार सभापतियों के द्वारा किया गया।