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लाठीचार्ज मामले में अधिवक्ताओं ने सौंपे कलेक्टर को सबूत, MP हाईकोर्ट ने DGP को जारी किया पत्र

लाठीचार्ज मामले में अधिवक्ताओं ने सौंपे कलेक्टर को सबूत, MP हाईकोर्ट ने DGP को जारी किया पत्र

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सीधी

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Suresh Mishra

Apr 14, 2018

during bharat band police lathicharge on advocates in sidhi

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सीधी। भारत बंद के दौरान 10 अप्रैल को न्यायालय परिसर में हुए लाठीचार्ज मामले को लेकर जिला अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को कलेक्टर से मिला। वे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए दोषी पुलिस अफसरों व जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने लाठी चार्ज के वीडियो व फोटोग्राफ्स भी दिखाए। संघ के अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले को लेकर प्रदेशभर के वकीलों में आक्रोश व्याप्त है। जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसलिए अतिशीघ्र दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

इस पर कलेक्टर ने कहा, आप लोगों ने गुरूवार को ज्ञापन सौंपा था, जिसे संभागायुक्त को उपलब्ध करा दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले में अतिशीघ्र कार्रवाई की जाएगी। मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच कराई जा रही है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पहले यह बात सामने आ रही थी कि कोई भी पुलिसकर्मी न्यायालय परिसर में नहीं गए।

वीडियो व फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराए

इसलिए हम लोगों ने घटना के वीडियो व फोटोग्राफ्स उपलब्ध करा रहे हैं। इनमेंं स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है कि पुलिसकर्मी न्यायालय परिसर में घुसकर किस प्रकार अधिवक्ताओं से मारपीट की है।
अधिवक्ताओंं ने अवगत कराया कि घटना में एक दर्जन अधिवक्ता घायल हुए हैं। इनमें गंभीर घायलों का उपचार रीवा में चल रहा है। प्रतिनिधि मंडल में जिला अधिवक्ता संघ के सचिव उमेश तिवारी, वरिष्ट अधिवक्ता चंद्रमोहन गुप्ता, राजेंद्र सिंह, रामपाल तिवारी, विनोद वर्मा , पंकज पांडेय शामिल रहे।

जारी रहेगी हड़ताल
इधर जिला अधिवक्ता संघ द्वारा लाठी चार्ज के विरोध में न्यायालयीन कार्य से विरत रहने की हड़ताल जारी है। अब तक 14 अप्रैल तक ही न्यायालयीन कार्य से विरत रहने की हड़ताल निर्धारित थी, लेकिन शुक्रवार को जिला अधिवक्ता संघ की आयोजित बैठक में हड़ताल को आगे बढ़ाते हुए 17 अप्रैल तक निर्धारित कर दिया गया है।

एएसपी सहित 4 अफसरों को निलंबित करने की सिफारिश
हाईकोर्ट ने लाठीचार्ज मामले को गंभीरता से लिया है। जिला अधिवक्ता संघ द्वारा भेजी गई जानकारी के बाद मुख्य न्यायाधीश ने डीजीपी को पत्र लिखकर एडिशनल एसपी सहित चार पुलिस अफसरों को निलंबित करने की सिफारिश की है। इसमें कोतवाली टीआई अनिल उपाध्याय, जमोड़ी चौकी प्रभारी आरपी त्रिपाठी व एसआई दीपक बाघेल के नाम शामिल हैं। एएसपी को पीएचक्यू अटैच करने को कहा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की ओर से रजिस्टार कम पीपीएस यूएस दुबे ने शुक्रवार को डीजीपी को लिखे पत्र में कहा, 10 अप्रैल को सीधी पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज से अधिवक्ताओं को काफी तकलीफ हुई है।

न्यायिक जांच की मांग
अधिवक्ता संघ ने 12 अप्रैल को भेजे पत्र में पूरे मामले की हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच की मांग की है। इसके साथ ही एएसपी शेंडे के निलंबन व उनके पीएचक्यू भोपाल में अटैच करने की मांग की है। इतना ही नहीं उपरोक्त पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की भी मांग की गई है। दुबे ने डीजीपी को लिखे पत्र में बताया, मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें सीधे तौर पर अधिवक्ता संघ के आवेदन को भेजकर आवश्यक कार्रवाई और तीन माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

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