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जिला पंचायत में दिखे सदस्यों के तेवर तीखे, हंगामे के बीच उपसंचालक से छीना प्रभार!

लगातार स्थगित हो रही जिला पंचायत सामान्य समिति की बैठक शुक्रवार को गहमा-गहमी के बीच संपन्न हुई।

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General committee meeting in jila Panchayat sidhi

General committee meeting in jila Panchayat sidhi

सीधी। लगातार स्थगित हो रही जिला पंचायत सामान्य समिति की बैठक शुक्रवार को गहमा-गहमी के बीच संपन्न हुई। बैठक में सदस्यों ने कृषि विभाग के अफसरों पर बीज वितरण में घोटाले का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि प्रदर्शन बीज वितरण में दो तरह के दर कैसे फालो किया गया है।

कुसमी, मझौली, रामपुर नैकिन और सिहावल विकासखंड में प्रदर्शन बीच 200 प्रति क्विंटल के मान से वितरित किया गया है। जबकि सीधी विकासखंड मे 3000 रुपए लेकर प्रति क्विंटल बीज की बिक्री की गई है।

मामले की जांच के पांच सदस्यीय टीम गठित

इस घोटाले में कृषि विकास विभाग पर भी आरोप लगाए गए। मामले की जांच के पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें दो कृषि समिति के सभापाति मनोज भारती व अखिलेश कुशवाहा के अलावा तीन अधिकारी भी शामिल हैं। उपसंचालक कृषि केके पांडेय का जहां सचिवीय प्रभार बदलने का प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है।

आदिवासी विभाग की समीक्षा नहीं

वहीं अधकारी न पहुंचने से आदिवासी विभाग की समीक्षा नहीं की जा सकी। कृषि समिति के सभापति मनोज भारती का उपसंचालक कृषि से मतभेद चल रहा था, जिसके चलते उनका सचिवीय प्रभार लेकर उपसंचालक पशु सेवा एमपी गौतम को सौंपने का प्रस्ताव पास किया गया है।

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचे एसी
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त केके पांडेय की गत बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा प्रस्तावित या एजेंडे मे शामिल की गई है। किंतु सहायक आयुक्त बैठक मे आना उचित नहीं समझे। जिला पंचायत सीईओ के द्वारा बार-बार दूरभाष पर संपर्क किया गया जहां बस 10 मिनट मे आने की बात कही गई किंतु घंटो का समय बीत जाने के बाद भी वे बैठक मे नहीं आए। जिस पर आदिवासी विभाग की अलग से समीक्षा 20 दिसंबर को निर्धारित की गई है।

एडीए के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित
बैठक के दौरान सदस्यों के भारी विरोध के बीच कृषि विभाग के एडीए पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। उन पर आरोप है कि एडीए रवीश सिंह ने सिहावल, रामपुर नैकिन, कुसमी व मझौली में मृदा हेल्थ कार्ड का वितरण नहीं किया, मिट्टी परीक्षण कार्य में लापरवाही सहित अन्य अनियमितता बरती गई है। जिस पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।