
Tilwari-Pathraula route in sidhi madhya pradesh
सीधी। मझौली जनपद में क्षतिग्रस्त हुए तिलवारी-पथरौला मार्ग को जिम्मेदार दुरस्त बता रहे हैं। विधानसभा को दी गई जानकारी में विभागीय अफसरों ने बताया है कि पैंचवर्क कर इस सड़क चलने लायब बना दिया गया है और यात्रियों को भी समस्या नहीं हो रही। जबकि जमीनी हकीकत इससे इतर है। सड़़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील है।
यात्री वाहनों में हिचखोले खाने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत पर ही धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने मामले को विधानसभा में उठाया था। इस पर लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह ने इसकी खस्ता हालत को मानने से इनकार कर दिया। उनके अनुसार, कुछ दिन पहले ही पैचवर्क कराया गया है।
इस समय पूरी तरह क्षतिग्रस्त
धुपखड़ से दुआरी मार्ग व तिलवारी-जनकपुर सड़क का शेष भाग (तिलवारी से पथरौला तक) भी इस समय पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इस पर सफर करना आसान नहीं है फिर भी लोक निर्माण मंत्री इसे सुधार हेतु मानने को तैयार नहीं हुए। लिहाजा, क्षेत्रवासियों को आगे भी समस्या से राहत नहीं मिलने वाली।
अनुबंध से मुकरी कंपनी, नहीं कराया निर्माण
मझौली एवं कुसमी विकासखंड की करीब २६ किलोमीटर लंबी सड़क जेपी कंपनी के भारी वाहनों से प्रभावित हुई है। इसके निर्माण व मेटीनेंस का जिम्मा भी कंपनी प्रबंधन को दिया गया था। लेकिन अनुबंध के सात वर्ष बाद भी कंपनी ने सड़क का मेंटीनेंस नहीं कराया। गड्ढों में तब्दील इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बात की जा रही है टिकरी-गिजवार-पथरौला मार्ग की। इसकी लंबाई १७.३० किमी है। वहीं खाम्ह-बरहाई-गिजवार मार्ग लंबाई ९.९९ किमी है।
भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त
सड़क जेपी कंपनी निगरी के भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुई है। लिहाजा, मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण ने २७ अप्रैल २०११ को अनुबंध के तहत उक्त सड़क जेपी प्रबंधन को स्थानांतरित कर दी गई थी। अनुबंद के तहत सड़क निर्माण के अलावा पांच वर्ष तक मरम्मत की जिम्मेवारी भी सांैपी गई थी। लेकिन ५ वर्ष बाद कंपनी ने निर्माण कराया न ही मेंटीनेंस पर ध्यान दिया।
धौहनी विधायक ने उठाया मुद्दा
धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने क्षतिग्रस्त सड़कों का मामला विधानसभा में उठाया था। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों की समस्या बयां करते हुए मार्ग दुरुस्त कराने की मांग की थी। इस पर लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह ने मार्ग को सही सलामत बताते हुए मेंटीनेंस कराने से मना कर दिया। जबकि, गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों पर मुसाफिर हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने डाल दी मिट्टी
गड्ढे तो मुसीबत बने ही थे, बारिश सीजन में पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क पर मिट्टी डाल दी है। इससे वाहन धंसने लगे हैं, वहीं बाइक चालकों को बारिश होने पर इस मार्ग से निकला मौत के रास्ते में सफर करने के बराबर साबित हो रहा है।
महाप्रबंधक के पत्र पर भी कार्रवाई नहीं
कंपनी की इस लापरवाही पर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक रत्नाकर चतुर्वेदी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कंपनी के लापरवाही की शिकायत कई मर्तवा की जा चुकी है। साथ ही कंपनी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। किंतु अब तक महाप्रबंधक के पत्र पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।
Published on:
06 Dec 2017 05:23 pm
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