
Land of not found for health workers, shelter project Stuck for years
सीधी. कुसमी, चुरहट व मझौली में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए सरकारी क्वार्टर का अभाव बना हुआ है। शासन स्तर से यहां भवन निर्माण के लिए वर्ष 2018 में स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसके पीछे जमीन की अनुपलब्धता वजह बताई जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो भवन निर्माण के लिए राशि जारी कर दी गई है। जमीन आवंटन के लिए जिला प्रशासन को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
कई बार किया पत्राचार
जिला स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी व चुरहट में 2 एफ, 2 जी, 2 एच टाइप के आवास एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली में 2 एफ, 2 जी, 2 एच टाइप आवासीय भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। दोनों जगह के लिए 271.38 लाख का बजट स्वीकृति है, लेकिन निर्माण कार्य इसलिए शुरू नहीं हो पा रहा। क्योंकि राजस्व विभाग ने अब तक भूमि उपलब्ध नहीं कराई। निर्माण एजेंसी राज्य स्वास्थ्य समिति है। उसने कई बार पत्राचार भी किया, लेकिन कोई प्रगति नहीं दिखी। कुसमी में आवासीय भवनों के पूर्ण होने की तिथि 7 जनवरी 2020 है। मझौली में 4 अक्टूबर 2019 तक ही निर्माण कार्य पूरा होना है।
12 माह का समय
चुरहट में 12 माह के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण होना था। जब स्वास्थ्यकर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण के लिए अभी तक भूमि का आवंटन ही नहीं हो सका तो निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य कैसे पूरा हो सकता है। इसी तरह जिला अस्पताल सीधी में ड्रग स्टोर का निर्माण कार्य 10 अक्टूबर 2019 तक पूर्ण होना है। इस कार्य में भी प्रगति काफी धीमी है। यह अवश्य है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में 30 बिस्तरा भवन का निर्माण कार्य लेंटर लेबिल पर पहुंच चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया, सिहावल एवं रामुपर नैकिन में भी स्वास्थ्य कर्मियों के आवासीय भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है जो फाउंडेशन लेबल तक पूर्ण हो चुका है।
नियमित रूप से नहीं होती मॉनिटरिंग
जिला अस्पताल सीधी में डीईआईसी भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जो प्लिंथ लेबल तक का काम हो चुका है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना था कि निर्माण एजेंसी राज्य स्वास्थ्य समिति के होने के कारण जो निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं, उनके प्रगति की नियमित रूप से मॉनिटरिंग न होने के कारण काफी धीमी गति से चल रहे हैं। इस मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का सीधे कोई नियंत्रण न होने के कारण वह कुछ भी कर पाने में लाचार है। अब राज्य स्वास्थ्य समिति में यह परंपरा बन चुकी है कि कोई भी निर्माण कार्य स्वीकृत हआ तो वह काफी विलंब से पूर्ण होता है।
निर्माणाधीन कार्यों के प्रगति का विवरण-
Updated on:
17 Apr 2019 02:23 am
Published on:
17 Apr 2019 02:09 am
