सीधी/पथरौला। जिले में लगातार जारी बारिश के दौर से नदी नालों में पानी का बहाव तेज होने के बाद मझौली व कुसमी विकासखंड में विगत कुछ वर्षों पहले बनाये गए पुल-पुलिया लगातार धराशाई हो रहे हैं। पुल-पुलिया टूटने के कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो रहा है। दोनों विकासखंड क्षेत्र से पिछले एक माह में आधा दर्जन से अधिक पुल-पुलिया टूटने के मामले सामने आ चुके हैं, और अभी पुलियों के टूटने का सिलसिला थमा नहीं है।
बीते दिनों जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरी के गेरमानिया नाला में बारिश पूर्व बनकर तैयार हुई करीब 15 लाख रुपए के लागत की पुलिया बारिश के बाद नाले के के तेज बहाव वाले पानी को झेल नहीं पाई और ध्वस्त हो गई। बताया गया कि यह पुलिया ग्राम पंचायत खैरी के देवडंडी मुहल्ले को जोड़ती है, जहां की आबादी करीब डेढ़ सैकड़ा है तथा एक आंगनवाड़ी केंद्र और प्राथमिक शाला संचालित है। पुलिया टूटने के बाद ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। बच्चे आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला में नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा इस पुलिया के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी, किसी तरह पुलिया बनी तो गुणवत्ता विहीन कार्य के कारण वह एक बारिश का भी पानी नहीं झेल पाई।
केस नंबर-1
आदिवासी विकासखंड कुसमी के सीमावर्ती ग्राम पंचायत कुंदौर में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ को जोडऩे वाली मबई नदी में एक वर्ष पूर्व करीब 30 लाख रुपए की लागत से निर्मित पुलिया टूट इसी माह टूट गई। इस पुलिया के टूटने से तकरीबन तीन हजार की आबादी वाले गांव कुंदौर के ग्रामीण परेशान हैं। क्योंकि यहां के ग्रामीण स्वास्थ्य, मार्केटिंग, नेटवर्किंग, डीजल, पेट्रोल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए छत्तीसगढ़ के जनकपुर पर आश्रित हैं। जिसकी दूरी कुंदौर से महज 10 किलोमीटर है। पुलिया टूटने से आवागमन अवरूद्ध हो गया है। जिससे ग्रामीणों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।
केस नंबर-2
जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत टमसार में टमसार से बरगड़ई मार्ग पर नेउरा नाले में बीते तीन महीने पहले 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित रपटा की बिंग वाल टूट गई और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। इस पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के कारण टमसार, बरगड़ई, ठाड़ीपाथर, गुडुआधार आदि गांव के करीब 5 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
केस नंबर-3
जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत बडक़ाडोल से दुबरी मार्ग पर कोड़मार नदी में करीब 1 करोड़ 3 लाख रुपए की लागत से निर्मित पुलिया इसी बारिश के मौसम में ध्वस्त हो गई है। इस पुलिया का निर्माण कार्य तकरीबन तीन महीने पहले पूर्ण हुआ था। पुलिया के ध्वस्त हो जाने से डेवा, देउमठ, अंजनी डोल, खरबर, कंचनपुर, कंचपेंच, लवाही, पनखोरा, चिनगवाह, बंडिया, बिटखुरी, बहेराडोल, दुबरी कला आदि गांवों की तकरीबन 6 हजार आबादी का आवागमन प्रभावित हुआ है। इस नदी में पुलिया की मांग लंबे अरसे से ग्रामीणों द्वारा की जा रही थी।
केस नंबर-4
कुसमी जनपद क्षेत्र के साथ ही मझौली जनपद क्षेत्र में भी पुल-पुलिया के टूटने से आवागमन बाधित हुआ है। जनपद मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत बोदारी टोला पश्चिम अहिरान बस्ती में तकरीबन 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित पुलिया भी बारिश के इसी सीजन में क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसके कारण बस्ती के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
केस नंबर-5
जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदौर में बैगिन घटवा नाला में तीन महीने पहले बनकर तैयार हुई पुलिया पानी के तेज बहाव को सहन नहीं कर पाई और ध्वस्त हो गई। इस पुलिया का निर्माण करीब 13 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन प्रभावित हो रहा है।
केस नंबर-6
जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदी के सीमावर्ती गांव ताल से छड़ाहुला पहुंच मार्ग में खगन्नी नाला में निर्मित तकरीबन 14 लाख की पुलिया बारिश के इस मौसम ध्वस्त हो गई। पुलिया का निर्माण बीते वर्ष ही कराया गया था। इस पुलिया के ध्वस्त होने के कारण तकरीबन 6 सैकड़ा ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
वर्जन-
जिले में गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्यों की शिकायत प्राप्त हुई थी, कुसमी, मझौली सहित अन्य विकासखंडों में भी निर्मित पुल-पुलियों की जांच की जाकर प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मोहन सिंह मोरी, चीफ इंजीनियर आरईएस जबलपुर