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समस्याएं गिनाई तो अधीक्षक को हटाया, विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंच गए छात्र

शहर के अर्जुन नगर में संचालित अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास-1 का मामला

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Problems counted removed superintendent students reached the colletrat

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सीधी। शहर के अर्जुन नगर में संचालित अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास-1 के विद्यार्थी एक बार फिर लामबंद नजर आ रहे हैं। इस बार वे छात्रावास में अव्यवस्था की बजाय अधीक्षक की वापसी को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। 50 सीटर इस छात्रावास में महज 33 बेड ही उपलब्ध हैं, शौचालय तो पांच हैं, लेकिन एक को छोड़कर सभी के दरवाजे टूटे हैं।

लिहाजा बच्चे एक शौचालय का ही उपयोग कर पा रहे हैं। इसके लिए उन्हें सुबह से कतार में लगाना पड़ता है। इन्ही समस्याओं को लेकर कुछ दिन पहले उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त केके पांडेय से मुलाकात कर जरूरी सुविधाएं बहाल करने की मांग की थी।

कलेक्टर दिलीप कुमार को ज्ञापन सौंपा

इस पर सहायक आयुक्त ने उक्त व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की बजाय अधीक्षक माखन प्रजापति को छात्रावास से हटा दिया। जिससे बच्चे नाराज हो गए और गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर दिलीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए छात्रावास अधीक्षक माखनलाल प्रजापित को पुन: अधीक्षक का प्रभार सौंपने की मांग की है।

व्यवस्था अच्छी हो गई थी

कलेक्ट्रेट पहुंचे दो दर्जन से अधिक छात्रों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि माखनलाल प्रजापति की पदस्थापना के बाद छात्रावास की व्यवस्था अच्छी हो गई थी। हम लोगों ने छात्रावास में पलंग, मच्छर दानी, शौचालयों के दरवाजे लगवाने सहित अन्य मांगों को लेकर सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था। लेकिन उन्होंने अधीक्षक प्रजापति को ही हटा दिया।

शिकायत हुई तो नप जाते हैं अधीक्षक
छात्रावासों में बदहाल व्यवस्था दुरस्त करने की जिम्मेदारी अधीक्षक की होती है। यानि भले ही व्यवस्था बदहाल हो बच्चे अधिकारियों के पास इसकी शिकायत न कर पाएं यह जिम्मेदारी अधीक्षक पर ही सौंपी गई है। यदि बच्चे शिकायत करने पहुंच जाते हैं तो भले ही वह शिकायत अधीक्षक के विरोध में न हो व्यवस्थाओं को लेकर हो लेकिन अधीक्षक पर कार्रवाई होना तय है। इसी का खामियाजा माखनलाल प्रजापति को भी उठाना पड़ा।

नियम विरुद्ध सौंपा गया प्रभार
अर्जुननगर स्थित छात्रावास-1 के अधीक्षक पद का प्रभार माखनलाल प्रजापति से छीनकर छठिलाल साकेत को सौंपा गया है। जबकि कार्यालय आयुक्त आदिवासी विकास विभाग मप्र भोपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक छात्रावास व आश्रम में अलग अधीक्षक नियुक्त किए जाएं। अधीक्षक को एक से अधिक छात्रावास/आश्रम का प्रभार नहीं सौंपा जाए। बावजूद इसके अधीक्षक छठिलाल साकेत को इस छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।