
Severe water crisis stares hard large areas in Sidhi Madhya Pradesh
सीधी। विलुप्त होती जा रही बैगा जनजाति के उत्थान के लिए सरकार ने बैगा प्रोजेक्ट बनाई है, लेकिन हकीकत इससे उलट है। कुसमी जनपद के सुदूर अंचल में इन्हें पानी तक शुद्ध नसीब नहीं हो पा रहा। ग्राम पंचायत पोंडी (बस्तुआ) के मनडोलिया टोला में निवास करने वाले दर्जनभर लोगों ने बताया कि वे नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इसके लिए भी महिलाओं को एक से डेढ़ किमी दूर जाना पड़ता है।
मनडोलिया पहुंची पत्रिका टीम को बैगा परिवार की महिलाओं ने बताया कि मोहल्ले में लगा हैंडपंप दो साल से खराब पड़ा है। शिकायत करने पर मेकैनिक ने एक बार मरम्मत कर चालू कर दिया था, लेकिन पखवाड़ेभर बाद ही खराब हो गया। तब से नहीं सुधरा और हम लोग चिल-चिलाती धूप में मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर है।
कुआं भी सूखा
महिलाओं के मुताबिक, गांव में रोजगार गारंटी के तहत पंचायत ने कुआं भी बनवाया था, लेकिन इस वर्ष वह भी सूख गया। लिहाजा, नाले के अलावा कोई और साधन नहीं है, जहां से पीने योग्य पानी ले सकें। अब तो आदत बन गई है। कर भी क्या सकते है, कोई सुनता भी तो नहीं हैै। अब तो सिस्टम से भरोसा ही उठने लगा है।
मोहल्ले में हैंडपम्प व कुआं है, लेकिन पानी नहीं बचा। पूरे मोहल्ले के लोग नदी नाले का पानी पीने को मजबूर हैं।
सुखमंती बैगा, निवासी मनडोलिया
सरकार बैगा जाति के लिए बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हम लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा।
संगीता बैगा, निवासी मनडोलिया
गर्मी में पानी की समस्या हर साल होती है। पानी ढोते-ढोते बाल झड़ जाते हैं। समस्या देखने वाला कोई नहीं है।
केशकली बैगा, निवासी मनडोलिया
पूरा टोला नाले का पानी ही पीता है। कई बार इससे बच्चे बीमार हो जाते हंै। पानी के अभाव में सब्जी-भाजी भी सूख जाती है।
फूलबाई बैगा, निवासी मनडोलिया
Published on:
07 Apr 2018 12:55 pm
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