
sidhi govt teacher tweet for pm narendra modi
सीधी। महिला कर्मचारी ने भाजयुमो नेता पर कई वर्षों से प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए ट्वीटर पर प्रधानमंत्री मोदी को शिकायत की है। उनसे न्याय की गुहार लगाई है। ममता सूर्यवंशी बतौर सहायक अध्यापक शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर सेकेंडरी कन्या छात्रावास चुरहट में बतैार अधीक्षिका पदस्थ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को शिकायत में लिखा है कि भारतीय जनता युवा मोर्चा मप्र के प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य संजय पांडेय निवासी वार्ड क्रमांक 5 नगर पंचायत चुरहट जिला सीधी ने मेरा वर्षों प्रताडि़त किया, मुकदमे में बयान बदलने के लिए तरह-तरह से डराने का आरोप लगाया। इसके बाद भी प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
यह लिखा है पत्र में
मैंने पिछले तीन चार वर्षों से इतनी अधिक प्रताडऩा सहन की, अन्याय सहते हुए मैं जीवनलीला का अंत करने के सोचने की स्थिति में पहुुंच चुकी हूं, मुझे अब सिर्फ आपसे ही उम्मीद है इसलिए अपनी इस आखिरी उम्मीद के तहत आपको पत्र लिख रही हूं। मैं जानती हूं की आप महिला सुरक्षा, दलितों के प्रति प्रेम एवं सुरक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील हैं, लेकिन आप भी यह महसूस करें कि यह व्यवस्था आपकी संवेदनशीलता का मजाक बनाते हुए बहुत कू्रर हो चुकी है। मैं ऐसे प्रदेश से हूं जहां के मुख्यमंत्री महिलाओं का भाई एवं बेटियों का मामा कहते हैं।
रंगदारी बतौर 10 हजार प्रतिमाह की मांग
उनके राज्य में महिलाओं पर शोषण और अत्याचार हो रहा है। जिसकी शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। वर्ष 2015 में जब शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर सेकेंडरी कन्या छात्रावास के अधीक्षिका की जिम्मेदारी संभाली तो संजय पांडेय ने रंगदारी बतौर 10 हजार प्रतिमाह की मांग की, न देने पर मेरे विरुद्ध शिकायत शुरू की, लगातार शिकायतें कर मेरी जांच करवाई, जिसमेंं शिकायतें झूठी पाई गई। बीच शहर में जातिसूचक गालियां दी, अपमानित किया, छात्रावास में आकर अश्लीलता भरी बातें, यौनशोषण के लिए दबाव बनाया।
उल्टा मुझ पर तरह-तरह के दबाव
मैंने 15 मार्च 2016 को शिकायत की तो चुरहट पुलिस ने मुझे जिले में जाने को कहा। भटकने के बाद एक माह के बाद प्रकरण दर्ज किया, लेकिन कमजोर चार्ज शीट बनाने वाली पुलिस ने मन मुताबिक प्रकरण दर्ज किया। न्यायालय तक में सरकारी वकील मुझसे अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाते हैं। प्रकरण दर्ज होने के बाद उक्त व्यक्ति को गिरफ्तार करने का प्रयास नहीं हुआ, उल्टा मुझ पर तरह-तरह के दबाव बनाया। संजय पांडेय का जिले के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का पूरा समर्थन मिल रहा है, जिस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो पाती, उलटा मुझे ही दोषी बनाया जाता है।
जिले के नेताओं को भी लिया आड़े हाथ
पीड़िता ने बताया, आरोपी भाजयुमो नेता के साथ भाजयुमो प्रमुख भी पिकनिक मनाने जाते हैं, मंच पर जगह देते हैं। कंधे पर हाथ रखकर फोटो खिंचाते हैं। एसटीएससी एक्ट का आरोपी होते हुए भी उसे प्रदेश कार्यसमिति में जगह मिली। सांसद उसे लोकसभा स्पीकर, पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु व प्रधानमंत्री से मिलवाती हैं। वे महिला होते हुए भी मेरी तकलीफ नहीं समझ पाती एवं एक दलित महिला का शोषण करने वाले को खुलेआम संरक्षण जारी है। ऐसा लगता है कि संविधान में उसके आगे घुटने टेक दिए हैं। कोई भी अधिकारी उसके विरूद्ध कार्रवाई नहीं करता।
कई वर्ष से प्रताडऩा से तंग थी। कही सुनवाई नहीं हो रही, पीएम को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उम्मीद है कि वे मामले को संज्ञान में लेकर न्याय दिलाएंगे।
ममता सूर्यवंशी, शिकायतकर्ता
ममता सूर्यवंशी को शिकायत करने की आदत है। उन्होंने मेरे विरुद्ध पहले भी कई झूठी शिकायतें की हैं, पुलिस जांच में भी शिकायतें झूठी मिली हैं। यह आरोप भी झूठे हैं, मैं हर तरह की जांच को तैयार हूं।
संजय पांडेय, भाजयुमो प्रदेश कार्य समिति सदस्य
Published on:
25 Jul 2018 01:45 pm
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