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पुलिस अफसर का रास्ता रोका और रेत लदा हाइवा ले भागे कारोबारी

मप्र के सीधी जिले में रेत की अवैध निकासी धड़ल्ले से जारी है। मंगलवार रात कार्रवाई करने गए एसडीओपी को रास्ते में रोककर आरोपी रेत लदा वाहन ले भागे

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Try to stop police officer during illegal mining

Try to stop police officer during illegal mining

सीधी. चुरहट थाना क्षेत्र में सोन नदी के तरिहा घाट से रेत निकासी जारी है। मंगलवार की शाम कार्रवाई के लिए पर पहुंचे एसडीओपी शैलेंद्र श्रीवास्तव को कारोबारी रास्ते में रोककर अवैध रेत से लदा वाहन ले भागे। श्रीवास्तव के साथ दो आरक्षक भी थे, लेकिन तीनों को आधे घंटे तक कारोबारी उलझाए रखे। इसबीच आरोपी रेत और वाहन लेकर चले गए। पुलिस वाहन मालिक अजय तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है। बताया गया है कि, एसडीओपी श्रीवास्तव, प्रधान आरक्षक संदीप साकेत व संजय कुशवाहा को साथ लेकर तरिहा घाट गए थे। वहां पहले से हाइवा मालिक अजय तिवारी खड़ा था। उन्हें देखते ही उसने जीप बीच रास्ते में खड़ी कर दी। जिससे पुलिस खदान तक नहीं पहुंच पाई। और आरोपी अवैध रेत से लदा वाहन जंगल के रास्ते ले भागा। एसडीओपी जबतक मौके पर पहुंचे। अजय जीप क्रमांक यूपी 82 क्यू 6458 भी लेकर भागने लगा। लेकिन वह गड्ढे में फंस गई। आरोपी उसे छोड़ फरार हो गया।

इन धाराओं के तहत कार्रवाई

चुरहट पुलिस ने आरोपी अजय के खिलाफ भादवि की धारा ३५३, १८६, ३७९, ५११, ३४ व अवैध रेत उत्खनन पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम १९७२ की धारा २७, २९, ३९, ४१ डी ५१,वन्य अधिनियम १९७२ की धारा २, ४१, ५२, खान एवं खनिज अधिनियम की धारा ४, २१ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा १५ के तहत मामला पंजीबद्ध किया और हाइवा की तलाश की जा रही है।

सप्ताहभर बाद भी नहीं पकड़े गए हमले के आरोपी
शहडोल जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र के बुड़वा गांव में रेत उत्खनन रोकने गई टाइगर रिजर्व की टीम में हमला करने वाले आरोपी सप्ताहभर बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में पुलिस और टाइगर रिजर्व प्रबंधन टकराव की स्थिति में आ गया है। प्रबंधन का दावा है कि पुलिस के स्थानीय अफसरों से लेकर आईजी-डीआईजी तक पत्राचार किया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई, जबकि शहडोल पुलिस अधीक्षक ने बचाव करते हुए तर्क दिया कि कार्रवाई से पहले टाइगर रिजर्व प्रबंधन को संबंधित थाने में सूचना देनी थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। फिर भी जानकारी लगने पर पुलिस बल मौके पर भेजा गया था।