
पलसाना.
इलाके के गोरधनपुरा गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक सुबोध कुमार शर्मा को अकारण एपीओ किए जाने के विरोध में तीन दिन से विद्यालय गेट के ताला लगाकर विरोध कर रहे ग्रामीणों ने शनिवार को शिक्षक को वापस विद्यालय में यथावत स्थान पर ही लगाए जाने के बाद विद्यालय का ताला खोलकर धरना हटा लिया।
ग्रामीण शनिवार को तीसरे दिन भी विद्यालय समय से पहले ही विद्यालय के सामने जमा हो गए और धरने पर बैठ गए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद चोटिया गोरधनपुरा पहुंचे और ग्रामीणों ने वार्ता कर एपीओ किए गए शिक्षक वापस विद्यालय में ही लगाए जाने को लेकर जानकारी दी। इस पर ग्रामीण मान गए और शिक्षक सुबोध शर्मा से विद्यालय का ताला खुलवाकर धरना हटा लिया। इस दौरान डीईओ ने ग्रामीणों को बताया कि विद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा रखने को लेकर जो विवाद खड़ा किया गया उसका विरोध भी किया। इस दौरान जिला सतत एवं साक्षरता अधिकारी राकेश कुमार लाटा, शिक्षाविद् जगन्नाथ प्रसाद बिजारनियां, गोपाल बिजारनियां, राजेन्द्रसिंह शेखावत, गोपालकृष्ण शर्मा, मोहनलाल देवन्दा, हरिराम महला, कमलेश शर्मा सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
सौहार्द बिगाडऩे वालों पर हो कार्रवाई
ग्रामीणों ने इसके बाद बैठक का आयोजन कर विद्यालय में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान गांव का सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे वाले बाहर से आए हुए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि वो जल्द ही मामले को लेकर जिला कलक्टर और एसपी से मिलकर मामले में कार्रवाई की मांग करेंगे।
ग्रामीण चन्दा देकर बनवाएंंगे भवन
विद्यालय आए जिला शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि विद्यालय में बच्चों की शिक्षा और संख्या अच्छी है। ऐसे में अगले सत्र में प्रयास कर विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत करवाने का प्रयास करेंगे। पंचायत क्षेत्र में कोई दूसरा उच्च माध्यमिक विद्यालय भी नहीं है, लेकिन विद्यालय में भवन की कमी है। ऐसे में ग्रामीण सहभागीता योजना के तहत ग्रामीण चालीस प्रतिशत राशि चन्दे से एकत्रित करते है तो सरकार की ओर से साठ प्रतिशत राशि भवन के लिए खर्च कर दी जाएगी। इस पर ग्रामीणों ने बैठक के दौरान ही चन्दा एकत्रित करने के का निर्णय कर लिया और करीब सवा लाख रुपए की घोषणा तो हाथों हाथ ही कर दी। इस दौरान बजरंगलाल जांगिड़ ने जांगिड़ समाज की ओर से एक लाख रुपए और रामनरेश सिंह ने 21 हजार रुपए देने की घोषणा की। इसके बाद ग्रामीणों ने जल्द ही बैठक आयोजित कर अन्य भामाशाहों और समाजों से भी रुपए एकत्रित करने की बात कही।
इनका कहना है
शिक्षक को वापस विद्यालय में लगाया दिया गया है। एपीओ कोई दंडात्मक कार्रवाई नही हे कई बार जांच के दौरान भी कर्मचारियों को एपीओ कर दिया जाता है ताकि जांच प्रभावित नही हो। शिक्षक को वापस लागने पर ग्रामीण मना गए और धरना हटा लिया है। -जगदीश प्रसाद चोटिया, डीईओ प्रथम सीकर
Published on:
25 Feb 2018 05:10 pm
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