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यहां जननी सुरक्षा योजना की निकली हवा, दो साल से धूल फांक रही एंबुलेंस

108 एंबुलेंस के भी खराब होने से दुर्घटनाग्रस्त मरीजों व जननी को छोडऩे के लिए 20-25 किमी दूर से गाड़ी आती है।

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श्रीमाधोपुर. दो साल से जननी सुरक्षा 104 एम्बुलेंस के खराब होने से राजकीय अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं को परेशानी हो रही है। 108 एंबुलेंस के भी खराब होने से दुर्घटनाग्रस्त मरीजों व जननी को छोडऩे के लिए 20-25 किमी दूर से गाड़ी आती है। वहीं परिवार नियोजन अपनाने वाली महिलाओं को भी छोडऩे की सुविधा देने से मंगलवार को 50 किलोमीटर दूर से 108 आई। 13 अप्रेल 2016 को जननी सुरक्षा वाहन सर्विस के लिए सीकर जाते समय बावड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। तब से जननी सुरक्षा को ठीक नहीं कराया गया।

जननी सुरक्षा 104 के आने के आज तक सरकार ने गाड़ी का इंश्योरेंस भी नहीं कराया। एजेन्सी वाले ने करीब एक लाख का खर्चा बताया है। सर्विस सेन्टर वाले बताते है कि पहले 50 प्रतिशत राशि जमा कराने पर ही गाड़ी की सर्विस शुरू की जाएगी। इंश्योरेन्स नहीं होने से काम नहीं हो सका। एक साल से गाड़ी सीकर में खड़ी रही। उसके बाद ब्लाक सीएमओ कार्यालय में धूल फांक रही है।

डिलीवरी की स्थिति
क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल होने से डिलेवरियो की संख्या भी अधिक रहती है जिसके लिए 104 की जरूरत रहती है। जनवरी में 52, फरवरी में 65, मार्च में 43, अप्रेल में 34 व मई में आज तक 36 डिलेवरी हो चुकी है। महिलाओं को 104 या 108 से छोड़ा जाता है, लेकिन दोनों गाडिय़ा नहीं होने से 20 से 50 किमी दूर से गाड़ी मंगवानी पड़ी। जिनमें कोठोर, कांवट व मूंडरू से 104 वहीं रींगस, थोई व एक गाडी जयपुर जिले के बधाल से 108 आई।


-104 सर्विस के लिए जाते समय दुर्घनाग्रस्त हो गई थी जिसको ठीक कराने के लिए काटेशन मांगा गया था, लेकिन राशि अधिक होने से काम नहीं कराया जा सका। 108 दो दिन से खराब हो गई थी जिसे सीकर सर्विस के लिए भेजा हुआ है। आज रात तक आ जाएगी।
डॉ. जेपी सैनी, बीसीएमओ, श्रीमाधोपुर

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