
बेटी के प्रेम विवाह से खफा परिजनों ने दामाद को लाठी-सरियों से पीटा, हालत गंभीर
सीकर.
प्रेम विवाह ( Love Marriage ) से नाराज युवती के परिजनों ने रविवार देर रात को पति ( Beaten of Son in Law ) पर लाठी-सरियों से जानलेवा हमला कर दिया। युवक को गंभीर अवस्था एसके अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। युवक के परिजनों ने दादिया थाने में जानलेवा हमले किए जाने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घायल रमेश कुमार पुत्र मातादीन निवासी राणा की जोहड़ी रघुनाथगढ़ ने बताया कि उसने मार्च 2019 में मेरठ में आर्य समाज मंदिर में सोनम से शादी की थी। वह रविवार शाम को फास्ट फूड़ की दुकान पर भाई नरेंद्र के साथ बैठा हुआ था। तभी कार व बाइकों पर सात-आठ युवक आए। आते ही उन्होंने सरियों और लाठियों से हमला कर दिया।
उसने बताया कि दोनों भाई कुछ समझ ही नहीं सके। सिर में चोट लगने से वह लहुलुहान होकर नीचे गिर पड़ा। शोर सुनकर गांव के लोग वहां पर आ पहुंचे। इसके बाद जानलेवा हमला कर युवक भाग गए। रमेश ने बताया कि पत्नी का भाई मोहित, महेंद्र, नितिन व उसके दोस्त दिनेश, मूलचंद, विक्रम सहित अन्य युवक आए थे। दो युवकों ने मुंह पर नकाब लगा रखा था। रमेश को तुरंत गंभीर अवस्था में एसके अस्पताल लाया गया। उसके सिर में करीब 11 टांके आए है। पैर में फ्रैक्चर है। रमेश ने बताया कि उसके पिता काफी समय से दुबई में रहते है। वह पिछले साल ही वहां से सीकर आए थे और उसके बाद चले गए थे।
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दोनों के बीच में 9 साल से है संबंध
घायल अवस्था में रमेश ने बताया कि वह एसएमडी स्कूल में पढ़ता था और उसकी पत्नी सोनम गवर्नमेंट स्कूल में पढ़ती थी। रमेश ने बताया कि दोनों के बीच में 9 साल से प्रेम संबंध है। दोनों ने कई बार परिजनों से शादी करवाने का आग्रह भी किया था। युवती के परिजन शादी कराने को तैयार नहीं हुए थे। घर जाकर भी बातचीत की। दोनों मोबाइल पर आपस में बातचीत करते थे। इसका पता लगने पर युवती के भाइयों ने सोनम से घर पर मारपीट भी की। साथ ही रमेश को धमकी देकर मारपीट की। रमेश ने बीफार्मा किया है और युवती ने बीए तक पढ़ाई की है। रमेश ने बताया कि सोनम के पिता ने नवलगढ़ में कुछ समय पहले बातचीत करने के लिए बुलाया था। तब उन्होंने सही से रहने के लिए सोनम को बोला था।
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चार महीने तक जयपुर व मोहाली में छिपे
रमेश ने बताया कि दोनों मार्च में घर से चले गए थे। उन्होंने मेरठ में जाकर आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद वहां से वह मोहाली चले गए। कुछ दिनों के बाद जयपुर में भी छिप कर रहे। इधर युवती के जाने के बाद परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। रमेश ने बताया कि वह अगस्त में ही वापस लौट कर आए थे। तब दादिया थाने में सोनम ने अपनी मर्जी से जाने और शादी करने के बयान दिए थे। अगस्त के बाद से ही सोनम ससुराल में ही रह रही थी। चार महीनों के दौरान युवती के परिजनों ने कई बार जान से मारने की धमकी दी थी। 2015 में भी रघुनाथगढ़ में ही विवाद हुआ था। तब भी युवती के परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
Published on:
01 Oct 2019 11:04 am
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