
Sikar News : खंडेला जिले के रामगढ़ सेठान थाना में संतरी की ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। कांस्टेबल के सिर में गोली लगी मिली और सर्विस रिवॉल्वर उनके पास पड़ी मिली। एसपी, एएसपी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोली सर्विस रिवॉल्वर निकालते समय गलती से लगी है। बाद में जवान का पोस्टमार्टम कर कांस्टेबल की पैतृक गांव में राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि कर दी गई।
रामगढ़ सेठान थानाधिकारी ने बताया कि कॉन्स्टेबल कोटड़ी लुहारवास के पास तिवाड़ी की ढाणी निवासी हरिकिशन ढाका (35) पुत्र रामदेवसिंह निवासी मंगलवार रात संतरी की ड्यूटी पर था। सुबह पांच से छह बजे के बीच वह अपनी ड्यूटी पूरी कर अपनी सरकारी पिस्टल को निकाल रहे थे। इसी दौरान गलती से पिस्टल का ट्रिगर दब गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच गोली की आवाज सुनकर दूसरा कॉन्स्टेबल सुरेंद्र कुमार थाने के अंदर गया, तो कॉन्स्टेबल हरिकिशन ढाका का शव मिला। शव के पास ही पिस्टल पड़ी थी। संतरी के पास थाने की सरकारी पिस्टल थी।
कॉन्स्टेबल के सिर में गोली लगी थी और उसके सिर से खून बह रहा था और चारों ओर खून पड़ा था। इस पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। इस पर एसपी परिस देशमुख, एएसपी गजेंद्रसिंह जोधा सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कांस्टेबल के पिता व परिवार के लोगों के आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया गया। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने व जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस दौरान रामगढ़ थानाधिकारी रमेश मीणा, फतेहपुर सदर थानाधिकारी केके धनखड़, कोतवाली थानाधिकारी इंद्रराज मरोड़िया सहित कई अधिकारी व पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
चार साल से रामगढ़ थाने में थे तैनात
कॉन्स्टेबल हरिकिशन ढाका 2008 में राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे। वे एक मार्च 2019 से रामगढ़ शेखावाटी थाने में तैनात थे। उन्होंने रात को दो बजे हैड कांस्टेबल से बात की थी, बोला था कि गश्त की गाड़ी आई थी। इसके बाद यह हादसा हो गया।
राजकीय सम्मान से किया अंतिम संस्कार
खंडेला इलाके के ढाका की ढाणी तन कोटड़ी लुहारवास निवासी जवान हरिकिशन ढाका की रामगढ शेखावाटी थाने में ड्यूटी के दौरान अचानक पिस्टल चलने से मौत हो गई। इसके बाद बुधवार शाम गांव के श्मशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। विधायक सुभाष मील, खंडेला थानाधिकारी वीरसिंह सहित जनप्रतिनिधियों, पुलिस के साथियों व अन्य लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। इससे पहले परिजन शव गांव पहुंच तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों को ढांढस बंधा रहे लोग भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे। मृतक कांस्टेबल चार भाई बहिनों में सबसे बड़ा था। तीन भाइयों में से एक भाई जुड़वा हैं। एक भाई सरकारी नौकरी में है व दूसरा गांव में ही निजी स्कूल में पढ़ाता है। हरिकिशन के दो बेटी व एक चार साल का बेटा है। हरिकिशन के निधन के बाद बच्चों से सिर से पिता का उठ गया। हादसे के बाद गांव में सन्नाटा छाया हुआ है।
Published on:
15 Feb 2024 11:43 am
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