
दर्दनाक हादसा: अंधड़ से 11 हजार केवी की लाइन टूटी, दो सगी बहनों की मौत, घर में छाया मातम
सीकर.
विद्युत निगम की लापरवाही ने फिर दो जिदंगानियों को लील लिया। हर वर्ष लापरवाही के तारों से निकलती मौतों की वजह से लोगों का निगम के सिस्टम से विश्वास टूट गया है। खास बात यह है कि अजमेर डिस्कॉम के एमडी का गृह जिला भी सीकर है। इसके बाद भी वह यहां की व्यवस्थाओं को नहीं ठीक करा पा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत निगम को कई बार अलमास गांव की समस्या के बारे में बताया। लेकिन निगम ने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण तार टूटने से बड़ा हादसा हो गया। निगम के लापरवाह रवैये के कारण लोगों में काफी आक्रोश है।
पिघल गया शरीर, कपड़े भी चमड़ी में समा गए
मुकुन्दगढ़ में चिकित्सकों ने आफरीन (18) को मृत घोषित कर दिया। करंट की चपेट में आने से आफरीन की चमड़ी झुलस कर जल गई तथा कपड़े चमड़ी में समा गए और सिर के बाल शरीर से अलग होकर वहीं गिर गए। आफरीन की गंभीर रूप से घायल ***** शाहीना (21) तथा मुस्कान (7) को सीकर रैफर कर दिया गया। जहां से शाहीना को बाद में देर शाम जयपुर रैफर कर दिया गया, जयपुर में ईलाज के दौरान शाहिना की भी मौत हो गई। मां रहमत बानो व आमरीन को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
ग्रामीणों ने जताया रोष, लाइनमैन निलम्बित
घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों गम के साथ-साथ आक्रोश भी देखा गया। घायल हालत में रहमत बानो ने बताया कि घर के पास से गुजर रही 11केवी लाईन को हटाने के लिए विद्युत निगम को कई बार लिखित व मौखिक निवेदन किया गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इधर हादसे की सूचना मिलने पर फतेहपुर के नायब तहसीलदार, लक्ष्मणगढ़ पुलिस उपाधीक्षक बृजमोहन असवाल, बलांरा थानाप्रभारी अरूण सिंह तथा विद्युत निगम के सहायक अभियन्ता (ग्रामीण) एस एस राव मौके पर पहुंचे। राव ने बताया निगम के लाईन मैन अशोक कुमार को कार्य में लापरवाही बरतने पर निलम्बित कर दिया गया है और मामले की जांच कराई जा रही है। मुकुन्दगढ़ से मृत्तका आफरीन का पार्थिव शरीर आने पर गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग के लिए प्रदर्शन भी किया, बाद में एईन राव की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिलवाने के आश्वासन के बाद परिजन माने। खालिद दुबई में काम करता है। मकान में उसकी पत्नी सहित पांच बेटियां व दो बेटे रह रहे थे।
पत्रिका इन्डेप्थ: 13 हजार घरों पर मौत के तार
हादसे के बाद पत्रिका टीम ने लापरवाही का सच जाना। विभिन्न क्षेत्रों के सर्वे में जिलेभर में लगभग 13 हजार घरों पर इसी तरह के मौत के तार लटके हुए है। यदि निगम ने यहां समस्या का समाधान नहीं किया तो कई परिवारों को यह लापरवाही गहरा दर्द दे सकती है।
निगम के दावों की खुली पोल
एक तरफ विद्युत निगम के अधिकारी हाईटेक सिस्टम के दावे करते है। दूसरी तरफ अभियंताओं की लापरवाही के कारण कदम-कदम पर मौत का जाल बिछा है। विद्युत निगम में छोटी-छोटी शिकायतों को टालने की पुरानी आदत है। यहां निगम अभियंता व कर्मचारियों ने उसी आदत को दोहराया। जबकि निगम के उच्च अधिकारी 24 घंटे में शिकायत दूर करने का दावा करते है।
गुणवत्ता पर भी सवाल:
हादसे से लाइनों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए है। हल्के अंधड़ में तार टूटकर गिरने से निगम के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए है। एक्सपर्ट का कहना है कि पहले काफी तेज अंधड़ में भी लाइन व तार टूटकर नहीं गिरते। अब फौरी तौर पर काम होने के कारण इस तरह का हादसा हुआ है।
गांवों का सिस्टम लाइनमैन के भरोसे
गांवों में विद्युत निगम का इतना बड़ा जाल फैला हुआ है। लेकिन निगम अभियंताओं ने पूरा सिस्टम सिर्फ लाइनमैनों के भरोसे छोड रखा है। इनके पास भी काफी लंबा क्षेत्र होने के कारण वह भी जनता की शिकायतों का समाधान नहीं कर पा रहे है।
Published on:
31 May 2018 10:28 am
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