
अब देशभर के दस करोड़ किसान एक साथ उठाएंगे ये आवाज, इस जगह में हो रही हैं धांसू तैयारियां
सीकर.
पहले मंदसौर किसान आंदोलन हुआ। किसानों पर गोलियां चली। खून बहा। फिर सितम्बर 2017 में सीकर किसान आंदोलन गूंजा। बिना एक भी गोली चले राजस्थान सरकार को किसानों ने झूका दिया। पचास हजार तक का कर्ज माफ हुआ बाद में मार्च 2018 में महाराष्ट्र किसान आंदोलन में हजारों किसान सड़कों पर उतरे। मुम्बई कूच किया। अब एक बार फिर किसान अपने हक की आवाज उठाने की तैयारियों में जुट गए। इस बार देशभर के दस करोड़ किसान एक साथ एक ही दिन आवाज उठाएंगे। इस दिशा में राजस्थान के सीकर माकपा कार्यकर्ता और किसान धांसू तैयारियां कर रहे हैं।
किसान चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान
सीकर जिला सचिव किशन पारीक ने बताया कि अखिल भारतीय किसान सभा ने करीब सात माह पूर्व दिल्ली में संसद के बाहर किसान सभा हुई, जिसमें किसानों के सभी कर्ज माफ करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करवाने का प्रस्ताव रखा गया, मगर सरकार ने किसानों की ये दोनों ही मांगें अभी नहीं मानी है। इसलिए देशभर के किसानों ने तय किया है कि किसान सभा के समर्थन में देशभर में माकपा के कार्यकर्ताओं ने किसानों के घर-घर जाकर उनकी पूरी डिटेल एकत्रित करेगा। जिसमें किसान का किस बैंक में कितना कर्ज है। उसका भी उल्लेख किया जाएगा। इसके बाद 9 अगस्त 2018 को देशभर में एक साथ किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन जिला कलक्टर को लोकसभा के नाम सौंपे जाएंगे। इस दिन किसान गिरफ्तारियां भी देंगे।
सीकर में सम्मेलनों का दौर शुरू
9 अगस्त 2018 को किसानों की गिरफ्तारी व हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देने के संदर्भ में सीकर जिले में सम्मेलनों का दौर शुरू हो चुका है। इसी क्रम में सीकर जिले के लोसल में डीडवाना रोड पर माकपा का कार्यकताओं का गुरुवार को सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में 258 बूथों के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं पार्टी को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि माकपा अगले चुनाव में निर्णायक का कार्य करेगी। सरकार को अभी किसानों का पूरा कर्जा माफ करना चाहिए।
माकपा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य प्रोफेसर वासुदेव
माकपा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य प्रोफेसर वासुदेव ने कार्यकर्ताओं से पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने कहा कि धोद से माकपा के प्रत्याशी को विधानसभा में भेजो, ताकि किसानों के हक की लडा़ई लड़ी जा सके। इस दौरान भैरोंसिंह, कमला चौधरी, महेन्द्र सिंह शेखावत, हाजी याकूब, किशन पारीक, गोङ्क्षवद वकील सहित बडी़ संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन रामरतन बगडिय़ा ने किया।
Published on:
18 May 2018 05:46 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
