2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Fraud: कभी बैंक गए नहीं और न किसी को पेन कार्ड दिया, फिर भी हो गया लोन

अजय शर्मा. सीकर.आपने भले ही कभी भी किसी बैंक से लोन के लिए आवेदन नहीं किया हो लेकिन हो सकता है ठग आपके नाम से लोन पास करा लें।

3 min read
Google source verification

सीकर

image

Ajay Sharma

Sep 11, 2022

Fraud: कभी बैंक गए नहीं और न किसी को पेन कार्ड दिया, फिर भी हो गया लोन

Fraud: कभी बैंक गए नहीं और न किसी को पेन कार्ड दिया, फिर भी हो गया लोन

सीकर.आपने भले ही कभी भी किसी बैंक से लोन के लिए आवेदन नहीं किया हो लेकिन हो सकता है ठग आपके नाम से लोन पास करा लें। देशभर में दूसरे के पेन कार्ड और आधार कार्ड से लोन के जरिए ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जब व्यक्ति बैंक में महीनों बाद लोन के लिए जाता है तो सिविल रिपोर्ट के बाद पता चलता है कि आपके नाम से तो पहले से ही कई लोन चल रहे हैं। पिछले छह महीने में देशभर में 15 हजार से अधिक लोग इस तरह की ठगी के शिकार हो चुके हैं। कई लोग तो ऐसे है जो खाता खुलवाने के बाद कभी बैंक भी नहीं गए और न किसी को पेन और आधार कार्ड दिया। इसके बाद भी जालसाजों ने उनके नाम पर लोन पास करा लिया। एक्सपर्ट का मानना है कि इस तरह ज्यादातर लोन कुछ एप्स और मिनी बैंकों से स्वीकृत हो रहे हैं। यह महज दस्तावेज के आधार पर लोन स्वीकृत कर रहे हैं। अब वह इस तरह के लोन को हटवाने के लिए पीडि़त मानसिक प्रताडऩा का शिकार भी हो रहे हैं। हालांकि यदि आपके दस्तावेजों का दुरुप्रयोग कर किसी ने लोन लिया है तो उसकी एक प्रक्रिया है जिसके तहत संबंधित बैंक को उस लोन की राशि को आपके सिविल से हटाना पड़ता है।

इस तरह से हो रहे लोग ठगी का शिकार....

केस एक: पता, ई-मेल, मोबाइल नंबर गलत, फिर भी उठा लिया लोन
सीकर निवासी सुमंत शर्मा (बदला हुआ नाम) के परिवार ने पिछले दिनाें एक बैंक में सामूहिक लोन के लिए आवेदन किया। बैंक ने सिविल रिपोर्ट निकालकर बताया कि सुमंत की ओर से पहले से दुपहिया लोन लिया हुआ है और वह चुकाया भी नहीं है। इस वजह से उसकी सिविल रिपोर्ट खराब है, इसलिए लोन नहीं मिल सकता। जांच में सामने आया कि पेन कार्ड से सुमंत के नाम से 40 हजार का दो साल पहले लोन कराया था। लोन के लिए ठग ने पता यूपी का दिया। ई-मेल, मोबाइल नंबर और स्थायी पता भी गलत बताया गया। फिर भी ठग ने सुमंत के पेन कार्ड पर लोन करा लिया।

केस दो: पेन कार्ड, आधार कार्ड एडिट कर उठा लिया लोन

जयपुर निवासी पंकज सिंह ने बताया कि पिछले दिनों वह हाउसिंग लोन के लिए बैंक गया। बैंक ने सिविल रिपोर्ट देखकर बताया आपके नाम से पहले से तीन लोन है। जबकि पंकज ने कभी लोन नहीं लिए। इनके पते भी बिहार व यूपी के बताए गए। जांच में सामने आया कि किसी ठग ने आधार कार्ड और पेन कार्ड को एडिट कर लोन उठाया।

174013 आर्थिक अपराध हुए दर्ज
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 मे 174013 आर्थिक अपराध के मामले दर्ज हुए। इनमें से सबसे ज्यादा 152073 केस फ्रॉड, जालसाजी व ठगी के थे। जबकि 2020 में 145745 मामले दर्ज हुए। एक वर्ष में 19.4 प्रतिशत मामलों की बढ़ोतरी हुई।

एक्सपर्ट सलाह: समय-समय पर चेक करते रहे सिविल स्कोर

किसी तरह के लोन की आवश्यकता नहीं होने पर भी अपने सिविल स्कोर को समय-समय पर चेक करते रहे। किसी भी प्रकार की त्रुटि दिखाई देने पर तुरंत सिबिल को उसके बारे मे अवगत कराना चाहिए। अपने आईडी प्रूफ किसी संस्थान या किसी अन्य व्यक्ति को किसी काम से दे रहे है तो आईडी पर उसका नाम तथा किस वजह से आप अपनी आईडी लगा रहे है वह अवश्य लिखनी चाहिए। इससे कोई दूसरा आपकी आईडी का गलत दुरुप्रयोग नहीं कर सकता है। अनाधिकृत ऑनलाइन एप्प को डाउनलोड करने से बचे तथा मैसेज पर आए किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। अपने आईडी प्रूफ को सार्वजनिक ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कभी शेयर नहीं करें। इस प्रकार के फ्रॉड के शिकार होने पर घबराए नहीं। कानूनी सहायता के जरिए इस तरह के मामलों से आर्थिक नुकसान हुए बिना बचा जा सकता है।
सुधेश पूनियां, नेशनल यूथ अवॉर्डी, सीकर

फ्रॉड सामने आने पर यह करें

-सिविल के टोल फ्री नंबर 02261404300 पर संपर्क करें या सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी लॉगिन आईडी बनाकर पहले अपना सिबिल रिपोर्ट प्राप्त करना होगा। जिसमे लोन देने वाली संस्थान का नाम व खाता नंबर आता है।
- सिविल में आ रही गलत जानकारी हेतु ग्राहक सिबिल को अवगत कराना होगा। सिबिल की ओर इस जानकारी का मिलन उस फाइनेंसियल इंस्टीट्यूट से किया जाता है। किसी दूसरे व्यक्ति का लोन अगर आपके दर्शा रहा है तो उसे सात दिन से दस दिन में हटा दिया जाता है।

-अगर लोन आपके आईडी प्रूफ लगाकर लिया गया है तो आप सबंधित फाइनेंसियल इंस्टीट्यूट को मेल करके जानकारी देनी होती है। इसके बाद भी यदि उस इंस्टीट्यूट की ओर से लोन को नहीं हटाया जाता है तो कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस संस्थान की शिकायत बैंकिग लोकपाल में दर्ज कराए जाने का प्रावधान है।