
सीकर. दो बैंक चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर 5 करोड़ 50 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिजनेस पार्टनर ने ही एकाउंटेंट व बैंककर्मी से मिलीभगत कर इतनी बड़ी रकम हथिया ली। श्योत्याका बास निवासी गंगाधर भदाला पुत्र धन्नाराम ने इस संबंध में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आवासीय कंपनी के पार्टनर पर आरोप
पुलिस को दी रिपोर्ट में गंगाधर ने बताया कि उसने पाटोदा निवासी महेंद्र ढाका व अन्यों के साथ मिलकर श्रीगणेशम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के नाम से 2017 से रजिस्टर्ड फर्म कर रखी है। ये फर्म आवासीय भवन बनाकर ग्राहकों को बेचती है। फर्म के लेनदेन तथा बैंक से रुपए निकालने व ट्रांसफर का काम उसके व महेंद्र के हस्ताक्षर से ही होते थे। पर जनवरी में दोनों भागीदारों में विवाद होने पर उसने सिटी डिस्पेंसरी नंबर दो के पास स्थित एक्सिस बैंक में एक आवेदन पत्र पेश कर बैंक से रुपए की निकासी रुकवा दी थी।
आरोप है कि महेंद्र के भाई राजेंद्र ढाका ने कंपनी के पालवास रोड स्थित ऑफिस से पाटोदा निवासी मुख्य एकाउंटटेंट अरुण शर्मा से मिलीभगत कर फर्म के बैंक चेक चोरी कर 5.50 करोड़ रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। अरुण कुमार, महेंद्र ढाका और राजेंद्र ढाका ने बैंक कर्मचारी अशोक के साथ मिलकर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर कारनामे को अंजाम दिया। रिपोर्ट में बताया कि फर्म के बैंक खाते में करीब 1.50 करोड़ रुपए गणेशम रेजिडेंसी के फ्लैट धारकों तथा सोसाइटी के मेंटेनेंस के थे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
5.50 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले में अनुसंधान किया जा रहा है।
पवन कुमार चौबे, कोतवाली थानाधिकारी, सीकर
Published on:
06 May 2023 10:38 am
