
पुलिस हिरासत में आरोपी, पत्रिका फोटो
Fake Officer Scam: सूट-बूट और टाई पहनकर अफसरों जैसी चाल में क्रेशर और खदान मालिकों के पास पहुंचकर मानवाधिकार आयोग का नाम लेकर वसूली करने वाले 4 आरोपी धरे गए। क्रेशर एंड माइनिंग वैलफेयर एसोसिएशन नीमकाथाना की सतर्कता से कई क्रेशर और खदान मालिकों की ठगी बचाई जा सकी।
नीमका थाना एसएचओ रमेश मीणा ने बताया कि लीलाधर सैनी निवासी ढाणी काश्तपुरा, तन बगड़, जिला झुंझुनूं ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि स्टार स्टोन क्रेशर भगेश्वर पर एक अल्टो गाड़ी आई। गाड़ी की नंबर आरजे 02 सीएच 1911 प्लेट के उपर पुलिस का लोगो और राजस्थान स्टेट ग्रिवेंस ऑफिसर लिखा था।
गाड़ी से उतरे 4 लोगों ने मुनीम से दस्तावेजों की मांग की। उन्होंने कागजों में कमी बताकर 4 हजार रुपए की वसूली की। बाद में जांच में सामने आया कि इन लोगों का मानवाधिकार आयोग से कोई संबंध नहीं था और वे अवैध वसूली करते थे। इसी तरह मुक्कड़ क्रेशर, नाथूवाला से भी 10 हजार रुपए वसूले गए।
सूचना मिलने पर क्रेशर एंड माइनिंग वैलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी चारो को पुलिस के पास लेकर पहुंचे। पुलिस ने ईश्वरा का बास, हरसौरा निवासी भैरूराम पुत्र मूलचंद गुर्जर, टटेरा, अजीतगढ़ निवासी रमेश चंद पुत्र सुखाराम रैगर, खरकड़ी नारायणपुर निवासी रोहिताश पुत्र मोहनलाल रैगर व ढाणी भगतावाली, नारायणपुर निवासी तुलसीराम पुत्र लालाराम गुर्जर को गिफ्तार किया है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मानवाधिकार आयोग का नाम लेकर क्रेशर और खदानों पर धमकाते थे। चारों आरोपी अफ सराना अंदाज में वसूली करते थे। पुलिस ने फर्जी लोगो वाली गाड़ी भी जब्त कर ली है।
आरोपी क्रेशर कर्मचारी से 4 हजार रुपए लेने पर अड़ गए बाद में कर्मचारियों ने डर के मारे रुपए दे दिए। इसके बाद शक होने पर अपने स्तर पर पता किया तो सच सामने आई। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पकड़कर सदर थाना लेकर पहुंचे जहां से उनको पाटन पुलिस के हवाले कर दिया। क्रेशर पर लगे सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हो गई।
Updated on:
18 Mar 2026 09:14 am
Published on:
18 Mar 2026 09:13 am
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