
सीकर.
रेल की धीमी गति से परेशान सीकर व झुंझुनूं जिले के यात्रियों के लिए खुशखबर है। शेखावाटी के सीकर व झुंझुनूं तथा चूरू जिले में जल्द ही रेलवे ट्रेक का विद्युतीकरण होगा। इसके बाद यहां बिजली के इंजन वाली रेल दौडऩे लगेंगी। इस बजट में सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है।
सीकर से लोहारू के 122 किलोमीटर लम्बे ट्रेक के विद्युतीकरण के लिए 102.51 करोड़ की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा रींगस से चूरू वाया सीकर के 140.57 किलोमीटर लम्बे ट्रेक के लिए 96.31 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। चूरू जिले के रतनगढ़ कस्बे से नागौर जिले के डेगाना तक के 142.89 किलोमीटर लम्बे ट्रेक के विद्युतीकरण के लिए 111.55 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है।
आगे क्या होगा
बजट में मंजूरी मिलने के बाद अब रेलवे इस कार्य के टेण्डर जारी करेगा। टेण्डर खुलने के बाद इसकी स्वीकृति मिलेगी। उसके बाद विद्युतीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। यह कार्य इसी वर्ष शुरू होने की पूरी संभावना है। इसके लिए हर एक निश्चित दूरी पर छोटे जीएसएस लगेंगे। इन जीएएस से रेलवे पटरियों के पास से गुजरने वाली विद्युत लाइन को करंट मिलता रहेगा।
नहीं बैठ सकेंगे छत पर
डीजल से चलने वाली ट्रेन में कई बार यात्री अवैध रूप से छत पर भी बैठकर यात्रा कर लेते हैं। इससे कई बार हादसे भी हो जाते हैं, लेकिन बिजली से ट्रेन चलने के बाद यात्री छत पर बैठकर सफर नहीं कर सकेंगे।
यह होगा फायदा
वर्तमान में शेखावाटी में कहीं भी बिजली से ट्रेन नहीं चलती। अब सभी इंजन डीजल से चलने वाले हैं। डीजल इंजन की जगह बिजली के इंजन लगने से एक तो इंजन की गति बढ़ेगी साथ ही धूआं नहीं होने से प्रदूषण भी नहीं बढ़ेगा।
पिछली बार इनका विद्युतीकरण
पिछले बजट में रेवाड़ी-सादुलपुर-हनुमानगढ़ के 320 किलोमीटर लम्बे ट्रेक के विद्युतीकरण के लिए 287 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी। सादुलपुर-रतनगढ़-बीकानेर-लालगढ़ व रतनगढ़-सरदारशहर के 286 किमी ट्रेक के विद्युतीकरण के लिए 235 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है।
यह कार्य भी होंगे
बजट घोषणा के अनुसार शेखावाटी के रेलवे स्टेशनों पर लघु उन्नयन व सुधार कार्य होंगे। ऊपरी पैदल पुलों व ऊं चे तल के प्लेटफार्म बनाए जाएंगे।
यह आस अभी भी अधूरी
सीकर व झुंझुनूं से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए अभी नियमित ट्रेन नहीं है। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी तक इस बजट में भी ऐसी कोई जानकारी नहीं आई है कि नियमित ट्रेन शुरू की गई है। सीकर सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती व झुंझुनूं सांसद संतोष अहलावत के पास अभी इस बजट में भी ट्रेन चलवाने का एक और मौका है। लोकसभा में अभी रेलमंत्री का भाषण हो सकता है। यदि इस दौरान पुरजोर तरीके से मांग उठाई जाए तो नियमित रेल मिल सकती है।
Updated on:
08 Feb 2018 11:12 am
Published on:
08 Feb 2018 10:41 am
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