
Hanuman Beniwal - File PIC
राजस्थान की राजनीति में अगर किसी नेता का 'क्रेज' समय और सीमा का मोहताज नहीं है, तो वो हैं रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल। मंगलवार-बुधवार दरम्यानी आधी रात के बाद सीकर जिले के भारणी गाँव में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने वीवीआईपी शादियों के तमाम प्रोटोकॉल पीछे छोड़ दिए। मौका था राजस्थान सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सुपुत्री अर्चना के विवाह समारोह का।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निवास पर आयोजित इस शादी में देश-प्रदेश के कई दिग्गज शामिल हुए, लेकिन रात करीब 2 बजे जब हनुमान बेनीवाल का काफिला भारणी पहुँचा, तो माहौल पूरी तरह बदल गया।
यह विवाह समारोह राजस्थान की सियासत के कई बड़े चेहरों के मिलन का गवाह बना।
वर-वधू को आशीर्वाद: हनुमान बेनीवाल ने नवविवाहित जोड़े अर्चना और अनुज (भाजपा विधायक कुलदीप धनखड़ के पुत्र) को आशीर्वाद दिया और मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार को बधाई दी।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी: इससे पहले, विधायक कुलदीप धनखड़ के पुत्र अनुज के तिलक समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी भांकरी गाँव पहुँचे थे। एक ही पांडाल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गजों की मौजूदगी ने राजस्थान की स्वस्थ राजनीतिक परंपरा की झलक पेश की।
शादी के साथ-साथ मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सादगी भी चर्चा का विषय बनी रही। व्यस्तता के कारण जिन शुभचिंतकों को कार्ड नहीं पहुँच पाया, उनके लिए मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक भावुक 'सार्वजनिक आमंत्रण' जारी किया था। उन्होंने लिखा था— "यदि औपचारिक निमंत्रण आप तक न पहुंच पाया हो, तो कृपया इस संदेश को ही मेरा व्यक्तिगत निमंत्रण स्वीकार करें।" उनके इस व्यवहार की भी हर तरफ सराहना हो रही है।
हनुमान बेनीवाल का देर रात मंत्री के घर पहुँचना और वहां मिला अभूतपूर्व स्वागत, राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी शोध का विषय है। भले ही बेनीवाल सरकार की नीतियों के प्रखर विरोधी रहे हों, लेकिन व्यक्तिगत संबंधों के निर्वहन में उनकी सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती है।
Updated on:
22 Apr 2026 02:07 pm
Published on:
22 Apr 2026 02:07 pm
