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शेखावाटी में नहर पहुंचाने के लिए दिल्ली में लिया गया यह बड़ा फैसला

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Jhunjhunu Mp santosh Ahlawat

Jhunjhunu Mp santosh Ahlawat press conference on Nahari Pani

झुंझुनूं/सूरजगढ़. दिल्ली में मंगलवार को हुई कें्रदीय जल आयोग की बैठक में सभी राज्यों ने लखवार बांध के निर्माण पर सहमति जता दी है। ऐसे में लंबे अर्से से नहर के लिए संघर्षरत शेखावाटी की जनता को पानी मिलने की उम्मीद बंधी है। परंतु, यह पानी किस तरह सीकर, चूरू व झुंझुनूं की जनता को मिलेगा इस पर संशय बरकरार है। इसी बीच सांसद संतोष अहलावत का कहना है कि शेखावाटी की जनता को यमुना का पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

उन्होंने सूरजगढ़ में पत्रकार वार्ता कर बताया कि लखवार बहुउद्देशीय परियोजना को पूरा करने के दिशा में महत्वपूर्ण कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इससे प्रदेश के शेखावाटी जनपद के लोगों को पेयजल की समस्याओं से निजात मिलेगी और किसानों का सिंचाई संकट भी दूर होगा। परियोजनाओं के मार्ग में आए सभी व्यावधान दूर कर लिए गए हैं। इसके निर्माण के लिए सम्बधित छह राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उतराखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने अपनी सहमति से एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।


योजना के तहत उत्तराखण्ड में देहरादून जिले के लोहारी गांव में यमुना नहर पर 204 मीटर ऊंचा बांध बनेगा। पूरी योजना पर 3966.51 करोड़ रुपए की लागत आएगी। लागत का 90 प्रतिशत खर्च केन्द्र सरकार वहन करेगी। शेष 10 प्रतिशत में छह राज्यों का हिस्सा होगा। सांसद ने कहा कि शेखावाटी में लगभग सभी जिलों में पेयजल का संकट है और डार्क जोन के चलते किसानों के लिए भी सिंचाई का संकट गहरा गया है।

यमुना जल योजना से क्षेत्र के किसान समृद्ध होंगे और पीने के पानी का नया स्त्रोत लोगों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होने इस महत्ती कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के योगदान का विशेष उल्लेख किया। इस दौरान सुरेन्द्र अहलावत, नगर अध्यक्ष सुरेन्द्र चौहान, पूर्व जिला अध्यक्ष सुभाष शर्मा, पार्षद रुकमानन्द सैनी, अनिल शर्मा, भूपेन्द्र अरडावतिया, सुरेश जलिन्द्रा आदि मौजूद थे।

झुंझुनूं और चूरू को कैसे मिलेगा पानी
समझौते से यमुना के पानी का संग्रहण तो हो जाएगा। लेकिन झुंझुनूं और चूरू को ये पानी कैसे मिलेगा, इस विषय पर इस समझौते में कोई जिक्र नहीं हे। हरियाणा जब तक अपने क्षेत्र में पाइप लाइन डालने के विषय पर राजस्थान के साथ समझौता नहीं करता, तब तक झुंझुनूं और चूरू को पानी की आपूर्ति नहीं हो सकती।
यशवर्धन सिंह शेखावत, यमुना जल समझौते के मामले में याचिकाकर्ता