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Khatu Mela: 30 वर्ष में इतनी बदल गई खाटूनगरी, पहले 1 दिन फिर 3 और अब 11 दिन भरता है मेला, जानिए रोचक बातें

Khatu Shyam Mela 2024 : बाबा श्याम की बढ़ती आस्था की कतार के बीच 30 सालों में श्याम मेले से लेकर खाटूनगरी पूरी तरह बदल गई है। किसी दौर में मंदिर परिसर तक ही भरने वाला मेले का दायरा अब 25 किलोमीटर तक फैल गया है।

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सीकर

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Kirti Verma

Mar 13, 2024

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Khatu Shyam Mela 2024 : बाबा श्याम की बढ़ती आस्था की कतार के बीच 30 सालों में श्याम मेले से लेकर खाटूनगरी पूरी तरह बदल गई है। किसी दौर में मंदिर परिसर तक ही भरने वाला मेले का दायरा अब 25 किलोमीटर तक फैल गया है। श्याम नगरी में लगातार बढ़ती भक्तों की संख्या से शेखावाटी में पर्यटन कारोबार को लगातार बूस्टर डोज भी मिल रहा है। श्याम मेले में अब राजस्थान के अलावा दिल्ली, पंजाब, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के कारोबारी भी पहुंचने लगे है। पहले भक्तों की संख्या सीमित होने की वजह से महज एक दिन का भरने वाला मेला अब दस दिन तक भरने लगा है। वहीं मेले में भक्तों के दशनों के लिए लगने वाली कतार की संख्या भी अब बढ़कर 14 तक पहुंच गई है। श्याम मेले के बदलाव से रूबरू कराती पत्रिका की खास रिपोर्ट।


पहले मंदिर परिसर फिर कबूतरिया चौक अब रींगस तक मेला
मंदिर कमेटी से जुड़े सदस्यों ने बताया कि 1980 तक श्याम बाबा का मेला मंदिर परिसर तक ही भरता था। इसके बाद भक्तों की संख्या बढ़ने लगी तो वर्ष 2000 में मेला कबूतरिया चौक तक भरने लगा। अब मेले रींगस तक भरने लगा है। खास बात यह है कि मेले के बाद भी रींगस से खाटूनगरी के बीच मेले जैसा ही नजारा पूरे सालभर रहता हैै।

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पहले एक दिन फिर तीन और 11 दिन का मेला
पहले श्याम बाबा का मुख्य मेला एक दिन ही भरता था। जैसे भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई तो मेले की अवधि तीन दिन की गई। भक्तों की संख्या को देखते हुए अब मेला अवधि भी बढ़ा दी गई। इस साल श्याम बाबा का मुख्य मेला 11 दिन भरेगा। वहीं हर महीने की एकादशी व रविवार को भी यहां मेला जैसा माहौल रहता है।


तब: ऊंटगाड़ी व बैलगाड़ी से आते भक्त दर्शनों को
खाटूश्यामजी में बाबा श्याम का मंदिर की स्थापना के बाद आस-पड़ौस के गांवों के लोग ऊंटगाड़ी व बैलगाड़ी के जरिए बाबा के दरबार तक पहुंचते थे। अब श्याम मेले के लिए रोडवेज की ओर से जहां 200 से अधिक अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाता है। वहीं रेलवे की ओर से दस ट्रेन संचालित की जाएंगी।


भजन संध्या-पदयात्रा
पहले सालभर में एक, अब मेले में एक हजार से ज्यादा पहले श्याम दरबार में जहां फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही भजन संध्या का आयोजन होता था। लेकिन पिछले 30 सालों में श्यामनगरी में बाबा को रिझाने का तरीका भी बदल गया। अब मेले-मेले में लगभग एक हजार से अधिक भजन संध्याओं का आयोजन हो जाता है। वहीं अब मेले के दौरान भी तीन हजार से अधिक पदयात्राएं यहां पहुंचती है।

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धर्मशालाएं: अब थ्री स्टार होटल जैसी, शहरों के नाम से पहचान
बदलते दौर के साथ खाटू नगरी की हर गली में मकानों से ज्यादा धर्मशालाओं की संख्या हो गई है। रींगस से लेकर खाटू में 20 से अधिक एसी धर्मशालाए है। इनमें थ्री स्टार होटल की तरह सुख सुविधाएं मौजूद है। कोरोना के बाद यहां 150 से अधिक नए गेस्ट हाउस व धर्मशालाएं शुरू हो चुकी है। यहां देश के कई नामी शहरों के नाम से भी यहां धर्मशालाएं है, जिनकी यहां खास पहचान है।


कारोबार: मेले से 25 हजार लोगों को रोजगार
श्याम मेले के जरिए यहां के लोगों ने कारोबारों की राहें भी तलाश ली है। मेले में लगभग 25 हजार लोगों को मेले के जरिए रोजगार मिलने लगा है। एक्सपर्ट की माने तो श्याम मेले में करोड़ों का कारोबार होने की संभावना है।


भविष्य: रींगस से खाटूश्यामजी तक बिछेगी रेलवे लाइन
श्याम दरबार में लगातार बढ़ती भक्तों की संख्या को देखते हुए अब केन्द्र सरकार ने रींगस से खाटूश्यामजी तक रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी कर ली है। दो दिन पहले इस मार्ग की डीपीआर को मंजूरी देते हुए रेलवे मंत्रालय ने वित्तिय स्वीकृति भी जारी कर दी है।


फैक्ट फाइल
मेला संचालित होगा: 11 दिन
श्रद्धालु पहुंचने की संभावना: 35 लाख
पुलिसकर्मी तैनात: 5 हजार
चिकित्साकर्मी: 170
धर्मशालाएं, गेस्टहाउस व होटल: 350
भंडारे लगेंगे: 400 से ज्यादा
मेले परिसर में सेक्टर: 9
मंदिर सजाने में जुटे कारीगर: 125