सीकर.
वर्ष 2018 का महाशिवरात्रि पर्व 13 फरवरी को है। इस दिन विशेष पूजा अर्चना कर भक्त भगवान शिव को रिझाएंगे। उपवास रखेंगे और शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब भी उमड़ेगा। शेखावाटी में सैकड़ों शिव मंदिर मंदिर हैं। हर एक शिव मंदिर का अनूठा और कई किस्से-कहानियों को समेटे हुए हैं। शिवरात्रि 2018 के मौके पर हम आपको बताएंगे शेखावाटी के शिव मंदिरों का रोचक इतिहास। उनसे जुड़ी अनूठी दंत कथाएं और रू-ब-रू करवाएंगे मंदिरों के वर्तमान हालात से।
शिव मंदिरों की इसी कड़ी में सबसे पहले आप जानिए सीकर-झुंझुनूं जिले की सीमा पर स्थित भगवान शिव के योगीश्वर महादेव मंदिर के बारे में। पुजारी महंत योगी डा. जीवननाथ बताते हैं कि योगीश्वर महादेव मंदिर अरावली की वादियों के बीचों-बीच शाकम्भरी मार्ग पर गांव कोट की पहाड़ी पर स्थित है। इसके दक्षिण से उत्तर की ओर पानी बहता है। एक तरह से यह मंदिर पहाड़ों की गोद में शिवलिंग के समान स्थित है।

भगवान शिव के भक्त रावण ने भी यहां पर शिव की आराधना की थी। मंदिर के पास ही रावण कुंड भी बना हुआ है। इस शिव मंदिर में एक से लेकर चौदह मुख के रुद्राक्ष भी हैं, जो बेशकीमती हैं। योगीश्वर महादेव मंदिर में स्थित शिवलिंग पंचमुखी है और सप्त धातु से बना हुआ है। यहां पाषाण शंख भी रखा हुआ है, जो नर्मदा के प्रवाह में पाया जाता था।

रामसेतू का पत्थर बना रहस्य
मंदिर में रामसेतू का पत्थर भी है, जिस पर राम नाम लिखा हुआ है। खास बात यह है कि यह पत्थर पानी में तैरता है। वर्षों से पानी में तैरता यह पत्थर यहां पर रहस्य बना हुआ है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग योगीश्वर महादेव मंदिर आते हैं।