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मलसीसर बांध टूटने के बाद अब तक इतने साल लग जाएंगे पानी आने में

अब मीठे पानी की प्यास बुझाने में फिर समय लगना तय है। कम से कम सालभर लोगों को मीठे पानी का इंतजार करना पड़ेगा।

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malsisar

malsisar Dam

मलसीसर.

वर्षों से मीठे पानी की आस में बैठी झुंझुनूं की जनता की एक बार फिर शनिवार को आस टूट गई। अब मीठे पानी की प्यास बुझाने में फिर समय लगना तय है। कम से कम सालभर लोगों को मीठे पानी का इंतजार करना पड़ेगा। पिछले कुछ महीनों झुंझुनूं शहर एवं जिले में कई जगह मीठा पानी की आपूर्ति प्रारंभिक स्तर पर करने से लोगों के चेहरे पर खुशी थी वह खुशी मलसीसर में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल का बांध टूटने के साथ ही एक बार फिर काफूर हो गई।

स्थिति को देखते हुए श्रीगंगानगर व अजमेर के अलावा जयपुर से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। टीम ने रात को अंधेरे में ही फिल्टर प्लांट में फंसे तीन लोगों को रस्सों के सहारे से बाहर निकाला। वहीं ककेडऊ मौड़ पर घरों में फंसे लोगों को भी नांव के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रात करीब सवा आठ बजे तक प्रशासन रोशनी के लिए जनरेटरों का भी इंतजाम नहीं कर सका।

बाद में रात का प्रोजेक्ट के दौरान बिसाऊ बाइपास पर करीब 100 हैक्टर में 15 लाख क्यूबिक पानी की क्षमता के लिए 11 मीटर गहराई का डेम बनाया गया था, जिसमें करीब 9 मीटर पानी भरा हुआ था। दोपहर करीब 12 बजे अचानक डेम के उत्तरी छोर से रिसाव शुरू हुआ था जिसने देखते ही देखते भयानक रूप ले लिया। थोडी देर बाद में डेम में एकत्रित पानी तेज बहाव में प्रोजेक्ट की तरफ जाने लगा जिससे प्रोजेक्ट के काम में लगे मजदूर भी फंस गये। वहीं ककडेऊ मार्ग पर करीब ढा़ई किलोमीटर का क्षेत्र जलमग्न हो गया।


मलसीसर बांध की फैक्ट फाइल


परियोजना का कार्य शुरू 15 जुलाई 2013
कार्य पूरा होना था 14 जुलाई 2016
नहरी पानी मलसीसर पहुंचा 18 मई 2017
परियोजना की लागत 1000 करोड़ रुपए
परियोजना का ठेका एनसीसी कंपनी हैदराबाद
पानी से लाभान्वित झुंझुनूं-सीकर के 18 शहर व 1473 गांव
बांध की ऊंचाई 10 मीटर
क्षेत्रफल 4.5 लाख वर्गमीटर
पानी का स्टोरेज 47 लाख केएल

15 लाख क्यूबिक की क्षमता
11 मीटर गहरे रिजरवायर टैंक की क्षमता 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी की है। मलसीसर बिसाऊ मार्ग पर दोनों तरफ 41 हैक्टेयर व 100 हैक्टेयर भूमि पर बने डेम में पानी से पूरी तरह भर जाने के बाद कुछ समय के लिए तारानगर हैड कैनाल से पानी की आपूर्ति बंद भी हो जाए तो डेम में स्टोर पानी से कई दिनों तक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है। झटावा रोड पर बने रिजरवायर का क्षेत्रफल 1.5 लाख वर्ग मीटर है। इसमें 15 लाख क्यूबिक लीटर पानी का स्टोरेज रहेगा।

मलसीसर डेम टूटने की उच्च स्तरीय जांच हो

खेतड़ी. कुम्भाराम जलयोजना के मलसीसर स्थित डेम टूटने की पूर्व ऊर्जा एवं जलदाय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कड़े शब्दो में निंदा की है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि 955 करोड़ रुपयो की यह योजना खेतड़ी एवं झुंझुनूं के लोगों के लिए पेयजल का सपना था जो इस बांध के साथ टूट गया। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो तथा इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। नवलगढ़़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा ने डेम टूटने के मामले में कहा है कि जनता का सपना चूर कर दिया गया है। जनता काफी समय से आस लगाए बैठी थी।

विधायक सहित कई नेता पहुंचे
घटना की जानकारी के बाद जहां एक ओर मौके पर प्रशासनिक अमला वहीं स्थिति का जायजा लेने के लिए विधायक नरेंद्र खिंचड़ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्टर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। वहीं कांग्रेस की ओर से जिला परिषद सदस्य प्यारेलाल ढूकिया भी मौके पर पहुंचे।