
कमलेश शर्मा/ नेछवा (सीकर)। आधुनिकता व दिखावे की होड़ के चक्कर शादियों पर होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर नेछवा के मनिहार समाज ने एक बड़ा संदेश दिया है। कस्बे के बहार ए मदिना मदरसा में समाज के बुजुर्ग व युवाओं की हुई बैठक में कई फैसल लिए गए। शादी समारोह में दिखावे के लिए होने वाले मोटे खर्च पर चिंता जताई गई।
बैठक में शादी में दी जाने वाली लाखों रुपए की नकदी बंद करने, दहेज का सामान ना लेने, डीजे डांस, वीडियोग्राफी और आतिशबाजी पर पूर्णता रोक लगाने का निर्णय लिया गया। बैठक में भंवर खा, नजीर मोहम्मद, युसुफ, शब्बीर, नानू, बदरूदीन आदि लोगों ने शादी में शगुन में केवल 1100 हजार रुपए ही देने पर सहमति बनी। इस अवसर पर भंवर खा, नजीर मोहम्मद, युसुफ, शब्बीर, नानू, बदरूदीन, यासीन, बफाती, ईदू, आसिफ, कालू समेत कई लोग मौजूद रहे।
बैठक में लेंगे सजा पर निर्णय
मनियार समाज की बैठक में लिए गए निर्णय अब 27 अगस्त को जयपुर में होने वाली समाज की प्रादेशिक बैठक में रखा जाएगा। इस बैठक में समाज के निर्णय को नहीं मानने वालों पर सजा का प्रावधान भी किया जाएगा।
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5-10 लाख नकदी देने की होड़
समाज के भंवर खां मनियार ने बताया कि दिखावे व बराबरी के चक्कर में सगाई में लड़की को दो लाख, शादी में लड़के को पांच से दस लाख रुपए देने की होड़ मची है। सम्पन्न परिवार के लिए ये खर्च कुछ भी नहीं, लेकिन साधारण परिवार को बराबरी के चक्कर में जमीन तक बेचनी पड़ने लगी। समाज में शिक्षा पर खर्च न्यूनतम है जबकि शादी समारोह पर खर्च 50 लाख तक पहुंचने लगा।
इस खाई को पाटने और कर्ज से दबते समाज के परिवारों को इज्जत बरकरार रखने के लिए इन सभी तरह के खर्च के लिए एक लागत तय कर दी गई। समाज के आसिफ गौरी ने बताया कि शादियों में 20 से 50 लाख रुपए का खर्च आम बात हो गई। संतान की खुशी के लिए पिता कर्ज लेकर व जमीन बेचकर शादियां करने लगे। ऐसे में समाज को कर्ज से बचाने के लिए ये निर्णय जरूरी थे।
ये निर्णय लिए
- शादी समारोह में किसी भी तरह के स्वर्ण आभूषण देने पर रोक
- सगाई में वर-वधू को 500-500 रुपए और दो जोड़ी कपड़े ही दिए जाएंगे।
- सगाई में पिता के भाई-बहनों के अलावा भीड़ नहीं करने व शादी में बाराती भी सीमित रहेंगे।
- मेल, बारात में डीजे, घोड़ी, बाजा, फोटोग्राफर, समठूनी का खर्च, वाहन, प्लॉट, टीवी, फ्रिज, मोबाइल समेत सभी तरह के तोहफे पर रोक
- शादी में सलाम व गांठ के लिए 500 व 251 रुपए, नाई की विदाई 1100 रुपए और कपड़े, भात में 5100 रुपए व चांदी की पाजेब, चिटकी, मुन्दड़ी देना तय हुआ।
समाज पर असर
- दहेज से संबंधित अपराधों पर रोक लगेगी
- शादी के लिए कर्ज लेने में आएगी कमी
- दहेज के चक्कर में पिता नहीं होगा परेशान
- फिजूलखर्ची रोकने से ये पैसा कहीं और खर्च होगा
Published on:
25 Aug 2023 03:25 pm
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