17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छा गए ये दूल्हा-दुल्हन, जीत लिया सबका दिल, नई पीढ़ी के लिए मिसाल बन गई इनकी शादी

ऐसी ही शादी सीकर जिले के गांव पुरानाबास के मीणा परिवार ने अपने बेटे की है। दरअसल इस परिवार ने बेटे की शादी में कोई दहेज नहीं लिया।

2 min read
Google source verification
Dulha Dulhan

चला (सीकर).

वैसे तो सभी की शादी यादगार होती है, मगर शादी की रस्मों के दौरान ही कई बार ऐसा संदेश दिया जाता है। जिससे शादी खास हो जाती है और हर कोई उसकी चर्चा करता दिख जाता है।

ऐसी ही शादी सीकर जिले के गांव पुरानाबास के मीणा परिवार ने अपने बेटे की है। दरअसल इस परिवार ने बेटे की शादी में कोई दहेज नहीं लिया। महज एक रुपया नारियल में दुल्हन को घर लाए हैं।

पुरानाबास निवासी आरपीएफ हवलदार रामवतार मीणा और उनकी पत्नी मंजूदेवी ने बताया कि दहेज प्रथा एक अभिशाप है। रामवतार के बेटे विकास जेफ की शादी नागौर जिले के मिंडा गांव निवासी श्रवण मीना की पुत्री पिंकी से हुई है। सगाई के दौरान ही वर पक्ष की ओर से दहेज ना लेने व ना देने की बात कही थी।

सभी नेग चार एक रुपए में करने की बात बताई। इसके बाद सभी नेग चार एक रुपए व नारियल के साथ हुए। जब चहुंओर इस शादी की चर्चा होने लगी तो हर किसी के मुंह से यही निकला कि छा गए ये दूल्हा और दुल्हन।

इधर, घोड़ी पर बैठाकर बेटियों की निकाली बंदौरी

फतेहपुर. निकटवर्ती गांव मरडाटू बड़ी में एक पिता ने बेटा नहीं होने पर बेटी को घोड़ी पर बैठाकर बंदौरी निकालकर अनूठी मिशाल कायम की। रणजीत सिंह ने बेटी संगीता की बंदौरी निकाली। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटियां ही है बेटा नहीं है। इसलिए वह लड़की व लड़के में भेद नहीं मानते है।

सीकर. पंचायत किशनपुरा में लाडो को घोड़ी पर सवार कर बिंदोरी निकाली गई । माता यशोदा कंवर व भाई कुलदीप सिंह भाटी ने लाडो पारस कंवर की बिंदोरी निकाली। राजपूत समाज को बेटियों से भेदभाव नहीं करने तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं का संदेश दिया ।

सरदारशहर. रैगर बस्ती वार्ड 37 में नंदलाल फूलवंश ने अपनी बिटिया वन्दना को घोड़ी पर बैठाकर बंदौरी निकाली तथा बेटी बचाओ बेटी पढाओ का संदेश दिया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने जगह-जगह बिटिया का स्वागत किया। इस अवसर पर दिलीप कुमार रैगर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

सादुलपुर.गांव रामपुरा में मंगलवार को बेटी को घोड़ी पर चढ़ाकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं की प्रेरणा दी गई। गांव के दलवीर सेन ने अपनी बेटी ज्योति सैन की शादी पर उसे घोड़ी पर चढ़ाकर बंदोरी निकाली। उन्होंने बताया कि ज्योति की शादी में परिवार के लोगों ने बेटियों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सरपंच अमित कुमार मीणा, विकास यादव, अशोक सेन, विकास पूनिया, अजय सैन व पंकज मीणा आदि गांव के लोग उपस्थित थे।


बेटी के जन्मोत्सव पर मनाई खुशी

सादुलपुर.गांव बैरासर बड़ा में बेटी के जन्मोत्सव पर दशोठण का आयोजन कर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की प्रेरणा दी गई। महताब सिंह ने बताया कि उसके घर पौत्री विशाखा का जन्म हुआ। जिस पर उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए दशोठण कर रूढ़ीवादी एवं परंपरागत विचारों को खत्म करने की पहल की है। कार्यक्रम में गांव के अनेक लोगों ने भागीदारी निभाई।