
सीकर के लाल रतनलाल की सोमवार को दिल्ली के गोकुलपुरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा में मौत हो गई। जवान रामगढ़ शेखावाटी के तिहावली का रहने वाला था। जो उस समय दंगाइयों का शिकार हो गया जब सीएए के पक्ष और विपक्ष के प्रदर्शनकारियों में पथराव हो गया। इसी दौरान उपद्रवियों का पत्थर रतनलाल के सिर में आकर लगा। जिससे वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर जवान ने दम तोड़ दिया। रतनलाल की मौत के समाचार मिलते ही तिहावली गांव में शोक की लहर पसर गई।
गांव में रतनलाल की मां व भाई परिवार के साथ रहते है। एक भाई बैंगलोर में रहता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही पूरा परिवार सदमे में है। लोग उनके गांव में घर पर समाचार जानने के लिए पहुंचने लगे। वे दिल्ली के गोकुलपुरी एसीपी कार्यालय में हैडकांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान वे पुलिस जाप्ते में थे।
रतनलाल दिल्ली के बुराड़ी इलाके में अमृत विहार में पत्नी पूनम, दोनों बेटी और एक बेटे के साथ ही रहते थे। घटना के वक्त पूनम बच्चों के साथ घर ही थी। इसी दौरान दिल्ली में हिंसा व रतनलाल की मौत की खबर टीवी पर चली। जिसे देखते ही वह अचानक बेसुध होकर धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ी। वहीं, जानकारी के मुताबिक जवान की मां को अब तक बेटे की मौत की सूचना नहीं दी गई है।
1998 में हुआ था भर्ती
रतन लाल की शिक्षा तिहावली गांव में ही हुई। पुलिस में भर्ती होने का सपना लेकर उसने दिल्ली पुलिस की भर्ती में भाग्य आजमाया तो 1998 में उसका चयन हो गया। शादी के बाद से वह दिल्ली ही परिवार के साथ रहने लगा।
Updated on:
25 Feb 2020 12:03 pm
Published on:
25 Feb 2020 11:13 am
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