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सीकर में किसानों की हुंकार रैली कल, कांग्रेस ने स्थगित किए कई सम्मेलन तो भाजपा और माकपा में मची सियासी खलबली

किसानों की हुंकार रैली से शेखावाटी में सियासी पारा गर्माया हुआ है। इन वजहों से कांग्रेस ने जहां कई बूथ सम्मेलन स्थगित कर दिए।

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MLA hanuman beniwal kisan hunkar rally in sikar

सीकर में किसानों की हुंकार रैली कल, कांग्रेस ने स्थगित किए कई सम्मेलन तो भाजपा और माकपा में मची सियासी खलबली

सीकर.

किसानों की हुंकार रैली से शेखावाटी में सियासी पारा गर्माया हुआ है। इन वजहों से कांग्रेस ने जहां कई बूथ सम्मेलन स्थगित कर दिए। वहीं भाजपा और माकपा में भी खासी सियासी खलबली है। किसानों के मुद्दों को लेकर दस जून को होने वाली हुंकार रैली पर सभी दलों की निगाह है। भाजपा, कांग्रेस और माकपा की इस पर निगाह है। आगामी विधानसभा चुनाव में किसानों के मुद्दे के जरिए शेखावाटी में हर दल वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी है। पिछले दिनों शेखावाटी दौरे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी अपने भाषणों में किसानों पर सबसे ज्यादा फोकस किया।


इसलिए रद्द किए बूथ सम्मेलन
कांग्रेस ने हुंकार रैली के बाद धोद विधानसभा क्षेत्र में होने वाले मेरा बूथ मेरा गौरव सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि गर्मी के कारण भीड़ अभी सम्मेलनों में काफी कम आ रही है। कांग्रेस की सभाओं में अल्पसंख्यक काफी संख्या में शामिल होते है, लेकिन इस समय रोजे चल रहे है। इसलिए कम भीड़ के जरिए कोई भी दावेदार आलमकान के सामने अपनी परफोरमेंस कमजोर नहीं करना चाहता है। कांग्रेस नेताओं को किसानों की हुंकार रैली का भी भय है, कही भीड इसमें ज्यादा नहीं चली जाए।


प्रमाण वितरण का जोश ठंडा
राज्य सरकार ने कर्जा माफी के प्रमाण पत्रों का वितरण शुरू कर दिया है। भाजपा ने सभी जनप्रतिनिधियों व संगठन पदाधिकारियों को निर्देश दे रखे हैं कि इसके जरिए किसानों पर पकड़ मजबूत की जाए। लेकिन किसानों की हुंकार रैली के कारण भाजपा में भी खामोशी छाई हुई है। कर्जा माफी का आंदोलन माकपा ने सीकर से शुरू किया था। माकपा के आंदोलन के बाद ही सरकार झुकी और 50 हजार रुपए का कर्जा माफ करने की बात कही। अब भाजपा कर्जा माफी के प्रमाण पत्र वितरण के जरिए तो कांग्रेस बूथ सम्मेलनों में किसानों को लुभाकर मुद्दे पर कब्जा करने की कोशिश में है। इसलिए माकपा भी अंदरखाने में योजना बना रही है। इस बीच हुंकार रैली अब चिंता बढ़ा रही है।


सीकर से 3 बड़े किसान आंदोलन
पिछले तीन वर्ष में सीकर की धरती से किसानों के मुद्दों को लेकर तीन बड़े किसान आंदोलन हुए है। पहले बिजली की दर बढ़ोतरी को लेकर किसानों ने सरकार को घेरा। इसके बाद कर्जा माफी और प्याज की खरीद सहित अन्य मुद्दों को लेकर भी दो बड़े किसान आंदोलन हुए।