
Nurses Day Special : करुणा से भरा ह्रदय कल्याण का ही कर्म करता है, फिर चाहे व्यक्ति का मूल कार्य कुछ भी हो। किरड़ोली निवासी श्रवण जांगिड़ इसी की बानगी है। जो पेशे से तो चिकित्सा विभाग में नर्स हैं, लेकिन मानव के साथ गोवंश की पीड़ा उन्हें बेचैन कर देती है। यही वजह है कि हादसे या बीमारी से तड़पते गोवंश की सूचना पर वे तुरंत अपनी टीम के साथ दौड़ पड़ते हैं। उसका खुद उपचार करने के साथ जरूरत पड़ने पर कामधेनु चिकित्सालय में भी इलाज करवाते हैं। गोसेवा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अपनी टीम के साथ श्रवण दो साल में 167 घायल गोवंश का उपचार कर चुके हैं।
किरड़ोली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत श्रवण ने गोसेवा का बीड़ा दो साल पहले उठाया था। लंपी बीमारी के दौरान तड़पकर मरते गोवंश को देखकर उनका ह्रदय ऐसा पसीजा कि उन्होंने गांव में अस्थाई गोशाला बना दी। अब वे ग्रामीणों की मदद से नया स्वरूप ले रही पीर बाबा रामदेव गोशाला में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पीर बाबा रामदेव गोशाला सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी अनूठी मिसाल बन गई है। सरपंच मकसूद खां के संरक्षण व सोहन गढ़वाल की अध्यक्षता में नया स्वरूप ले रही गोशाला का संचालन गांव का हिंदू व मुस्लिम समाज मिलकर कर रहा है। 70 गायों वाली इस गोशाला के निर्माण व अन्य कार्य के लिए ग्रामीणों ने हाल ही 20 लाख रुपए एकत्रित किए। गोसेवक नर्स श्रवण ने इसमें करीब दो लाख का योगदान दिया है। कमेटी सदस्य नंदकिशोर कोक व सचिव सुभाष थालौड़ ने बताया कि गोशाला का दूध भी गांव के गरीब परिवारों को निशुल्क दिया जाएगा।
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Updated on:
12 May 2024 04:33 am
Published on:
12 May 2024 04:27 am
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