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Om Prakash Mitharwal : इंडियन आर्मी के इस हीरो का भव्य स्वागत, बहनों ने उतारी आरती, DJ पर नाचा पूरा गांव

निशानेबाजी में इंटरनेशनल लेवल पर स्वर्ण पदक जीतने वाले ओमप्रकाश मिठारवाल राजस्थान के सीकर जिले के गांव नीमड़ी के रहने वाले हैं। वर्तमान में सेना में कार्यरत हैं।

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Om Prakash Mitharwal

Om Prakash Mitharwal receives grand welcome in Sikar Rajasthan

नांगल . नाथूसर (सीकर). दक्षिण कोरिया के चांगवान में आयोजित आइएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप 2018 में पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल स्पद्र्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले सीकर के निशानेबाज ओमप्रकाश मिठारवाल बुधवार को अपने घर लौटे। यहां उनका भव्य स्वागत हुआ। ओमप्रकाश के घर आने पर उनकी बहन ने मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया। गौरतलब है कि ओमप्रकाश पहले भारतीय हैं, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप की इस स्पद्र्धा का स्वर्ण पदक जीता है।

झूमकर नाचा पूरा गांव...यहां देखें तस्वीरें

निशानेबाजी में सोना जीतकर गांव लौटे ओम मिठारवाल का ग्रामीणों और परिजनों ने भव्य स्वागत किया। बहनों ने आरती उतारी, भाभियों ने बळाइयां ली...पिता ने आशीर्वाद दिया, तो दोस्तों ने कंधे पर उठा लिया। ओम ने कोरिया के चांगवान में वल्र्ड शूटिंग चैंपियनशिप में भारत को 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्णिम निशाना लगाकर देश को गोल्ड मेडल जीता है।

इस जीत के बाद ओम बुधवार को पहली बार अपने गांव नीमड़ी आए। गांव की कांकड़ से ही ओम को उसके दोस्त और गांववालों ने डीजे की धुन पर जुलूस के रूप में गांव तक लेकर आए। साफा पहनाया और गुलाल से रंग दिया। ओम के पिता ने कहा कि वे बेटे की इस उपलब्धि पर गर्वित हैं। पत्नी अंजू ने को पति की जीत पर गर्व है। उसने बताया कि वे पति की जीत के लिए भगवान से प्रार्थना कर रही थीं।

सेना में कार्यरत ओम मिठारवाल ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि अप्रेल माह में वे कॉमनवेल्थ गेम में सोने से चूक गए थे और दो कांस्य पदकों से ही संतोष करना पडा था। बाद में खुद की कमियों को परखा उन्हें दूर किया। मेहनत की और आज सोना जीत लाया।

उन्होंने युवाओं के लिए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। लगातार मेहनत से ही सफलता मिलती है। नीमडी की ढाणी में ओम प्रकाश के ससुर रामूराम, दादा रामनाथ, दादी छोटी देवी ने लाडले को मिठाई खिलाई। इस अवसर पर फुटाला के बजरंगलाल मंगावा, पूर्व सरपंच कल्याण मंगावा, पिता सज्जन तथा दोस्तों ने बधाई दी।