
सीकर. पास बुक के भरोसे पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बुरी खबर है। स्कूल में पासबुक का इस्तेमाल करने पर संबंधित विद्यार्थी व शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से निदेशक ने एक आदेश जारी कर स्कूल में पासबुक का प्रवेश वर्जित किया है। अधिकारियों का मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों में विषय की समझ विकसित होनी चाहिए।
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विषय का ज्ञान आवश्यक
रटा प्रणाली छोडकऱ विभिन्न विषयों की मूल अवधारणा व संकल्पना को समझना आवश्यक है। निदेशालय ने कहा कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे, स्टेट लेवल, अचीवमेंट सर्वे व अन्य संस्थाओं की ओर से गुणात्मक उपलब्धि सर्वे में भी विद्यार्थियों के विषयगत ज्ञान, समझ व व्यावहारिक उपयोगिता पर आधारित प्रश्न होता है। शिक्षक भी पाठ्यपुस्तक में पढ़ाए जाने वाली विषय वस्तु से संबंधित स्वरचित प्रश्नों के अधिकाधिक अभ्यास कराएं। शिक्षक पाठ्यपुस्तकों का ही प्रयोग करें। विद्यालय में पासबुक का प्रयोग वर्जित रखे।
गायब मिले केन्द्राधीक्षक को हटाया
सीकर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की जा रही 12वीं परीक्षा में लापरवाही भी सामने आ रही हैं। परीक्षा के दौरान माध्यमिक शिक्षा चूरू के उप निदेशक महेन्द्र चौधरी ने सीकर शहर में स्थित इस्लामिया स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां केन्द्राधीक्षक अनवर अली मौके पर नहीं मिले। बाद में पता चला कि वे आठवीं बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र लेने के लिए सीकर डाइट में गए हुए थे। लेकिन नियमों के अनुसार परीक्षा के दौरान कोई भी केन्द्राधीक्षक परीक्षा केन्द्र नहीं छोड़ सकता। इसके अलावा परीक्षा के दौरान कलक्टर की ओर से लगाया गया माइक्रो ऑब्जर्रवर भी नहीं मिला। उप निदेशक के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने केन्द्राधीक्षक व माइक्रो ऑब्जर्रवर को हटा दिया गया है। अब वहां राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गारिण्डा के प्राचार्य दिनेश पुरोहित को केन्द्राधीक्षक लगाया गया है।
Updated on:
15 Mar 2018 10:46 am
Published on:
15 Mar 2018 10:44 am
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