21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीकर के दुल्हन अपहरण मामले में पुलिस ने नकारा प्रेम प्रसंग, कहा- परिजनों के साथ जाना चाहती है युवती

Sikar Bride Kidnap Case - नागवा से अपहरण की गई दुल्हन हंसा और मुख्य आरोपी अंकित को पुलिस देहरादून से सीकर ले आई है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Santosh Trivedi

Apr 21, 2019

Sikar Bride Kidnap Case

सीकर। Sikar Bride Kidnap Case - नागवा से अपहरण की गई दुल्हन हंसा और मुख्य आरोपी अंकित को पुलिस देहरादून से सीकर ले आई है। हंसा से पुलिस सदर थाने में पूछताछ कर रही है, जबकि अंकित सहित बाकी आरोपियों से दूसरी जगह पूछताछ की जा रही है।

जांच अधिकारी महावीर सिंह राठ़ौड ने बताया कि प्राथमिक जांच में प्रेम प्रसंग जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। युवती अब अपने परिजनों के साथ जाना चाहती है। हालांकि मामले में अभी पूछताछ जारी है। आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मालूम हो कि सीकर में हथियार के दम पर दूल्हे की कार से अगवा दुल्हन शनिवार शाम को देहरादून में बरामद हो गई। दून पुलिस ने अपहरण के आरोपी अंकित सेवदा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों कोर्ट मैरिज की तैयारी में थे। जिनको सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर दबोच लिया गया।

दून पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि राजस्थान के सीकर जिले में नागवा निवासी हंसा कंवर और उसकी बहन सोनू कंवर की 16 अप्रेल को बारात आई थी। मायके से दोनों दुल्हनों की बारात ससुराल जा रही थी। आरोप है कि इस बीच दुल्हन हंसा को अंकित ने दुल्हे की कार के आगे गाड़ी लगाकर रोक लिया। इसके बाद उसने कार में में तोडफ़ोड की और हथियार के दम पर दुल्हन का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर हंसा की बहन सोनू व अन्य से मारपीट भी की गई। इसके बाद दुल्हन के पीहर पक्ष ने आरोपी और अन्य के खिलाफ उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस इनके मोबाइल लोकेशन के आधार पर शुक्रवार को देहरादून पहुंच गई। दोनों की तलाश में पुलिस ने कई जगह पर छापेमारी भी की, लेकिन दोनों पुलिस को चकमा देकर निकल गए। शनिवार को अंकित और हंसा ने कोर्ट में शादी के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इस बीच कोतवाली पुलिस को दोनों के बारे में जानकारी मिल गई। शहर कोतवाली पुलिस ने उन्हें कचहरी परिसर में ही रोक लिया। इसके बाद देहरादून पुलिस ने शनिवार शाम को दोनों को मौके से दस्तयाब कर राजस्थान पुलिस के सुपुर्द कर दिया, क्योंकि देहरादून में दोनों के खिलाफ कोई एफआइआर दर्ज नहीं थी।