
सीकर. शेखावाटी में मौसम का मिजाज बदल गया है। सीकर में रविवार दोपहर को ओले गिरे हैं। इससे पहले बूंदाबांदी शुरू हुई थी। करीब बीस मिनट की बूंदाबांदी के बाद ओले शुरू हो गए हैं। चने के आकार के ओले गिरे हैं।
पूरे अंचल में रविवार सुबह से घनघोर घंटाएं छाई हुई थीं, जो रह-रहकर कई जगहों पर बरसी हैं। इससे अंचल में एक तरफ जहां किसानों की चिंताएं बढ़ गई वहीं सर्दी का भी मामूली असर बढ़ गया है।
सीकर में दोपहर करीब डेढ़ बजे से बारिश शुरू हुई है। तेज गर्जना के बाद बारिश की मोटी बूंदों बरस रही हैं। इससे पहले चूरू इलाके में बारिश हुई हैं। झुंझुनूं में बादल छाए हुए हैं।
चूरू जिले में यहां हुई बारिश
चूरू जिले में रतनगढ़, राजलदेसर और घांघू इलाके से बारिश के समाचार हैं। इन जगहों पर बूंदाबांदी हुई है।
किस फसल में क्या फायदा-क्या नुकसान
झुंझुनंू कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. विजय पाल कस्वां ने बताया कि अभी गेहूं की फसल पक रही है। इसे बारिश से फायदा होगा, मगर ओलावृष्टि या तेज तूफान आने की स्थिति में गेहूं ही नहीं बल्कि सभी फसलों में नुकसान होगा।
तेज आंधी में गेहूं की फसल खेत में पसर जाएगी, जो बाद में पक नहीं सकेगी। इसके अलावा फिलहाल सरसों व चने पक चुके हैं, इनकी कई खेतों में कटाई शुरू हो चुकी है। अधिक बारिश से इनको भी नुकसान हो सकता है। ओले गिरने से रबी की फसलों के अलावा सब्जी और प्याज में भी नुकसान होगा।
सीकर में धोद इलाके में ओले के समाचार मिले हैं। वहां खेतों व घरों में ओलों की चादर बिछ गई।
फोटो-सीकर के धोद का
Updated on:
04 Mar 2018 02:25 pm
Published on:
04 Mar 2018 02:10 pm
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