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Rajasthan News: पीटीआई, फायरमैन एनटीटी, सहित कई भर्तियों में जाली अंक तालिकाओं का खेल सामने आने के बाद भी प्रदेश में कन्सलटेंट के पंजीयन के कायदे तय नहीं हो सके है, जबकि पंजाब सहित कई राज्यों में कन्सलटेंटों के पंजीयन के कायदे तय है। कन्सलटेंट के जरिए देश के निजी विवि व विदेशों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का सरकार के पास कोई रेकॉर्ड तक नहीं है।
इस वजह से पुराने सत्रों में भी अंकतालिका लेने का खेल नहीं थम रहा है। पिछली सरकार के समय हुई कई भर्तियों में बड़े स्तर पर जाली अंकतालिका सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कन्सलटेंटों के सत्यापन की व्यवस्था जरूर शुरू की है। एक्सपर्ट का कहना है कि यदि सरकार की ओर से पंजाब की तर्ज पर कन्सलटेंटों का पंजीयन किया जाए तो सरकार की आमदनी बढ़ने के साथ युवाओं को राहत मिल सकती है।
पिछले दिनों एसओजी ने भी इस मामले मे कई कन्सलटेंटों की कुण्डली खंगाली तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। सूत्रों के अनुसार कई कन्सलटेंट ने पुरानी तिथियों में इंजीनियर सहित अन्य डिग्री दिला दी थी। इनका संबंधित विवि ने भी सत्यापन नहीं किया है।
कॅरियर काउंसलर राजेन्द्र सिंह का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में जाली अंकतालिकाओं का खेल लगातार सामने आ रहा है। दस सालों में जाली अंकतालिकाओं का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा पीटीआई भर्ती में सामने आ चुका है। इसमें तीन निजी विवि से जुड़े लोग अब तक जेल में है। कन्सलटेंट्स का पंजीयन नहीं होने से कई भर्तियां भी सवालों के घेरे में आ रही है। सरकार को पंजाब की तर्ज पर कन्सलटेंट्स का पंजीयन शुरू कराना चाहिए।
एक ही सत्र में दोहरी डिग्री के मामले भी शिक्षक भर्ती 2018 में सामने आ चुके है। इसमें बांसवाड़ा के 86 व डूंगरपुर के 32 अभ्यर्थी शामिल है। इन अभ्यर्थियों ने एक ही समय में दो विवि से डिग्री हासिल कर ली। पुलिस इस मामले में अब तक जांच में उलझी हुई है। हालांकि इन अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी में आने से पहले रोक दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की 2018 की भर्ती में 150 से ज्यादा जाली अंकतालिका सामने आ चुकी है। विभाग की दो सूचियों में लगभग 4400 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन का मौका दिया गया। लेकिन विभाग को दो सूचियों तक 823 ही योग्य अभ्यर्थी मिले है। क्योंकि जाली अंकतालिकाओं की वजह से कई अभ्यर्थी योग्य होते हुए भी दस्तावेज सत्यापन कराने नहीं पहुंचे।
पीटीआई भर्ती में कई निजी विश्वविद्यालयों से जाली अंकतालिकाओं का खेल उजागार हो चुका है। पीटीआई भर्ती 2022 में सामने आया कि चयन बोर्ड के फॉर्म के आधार पर 1259 से ज्यादा अभ्य र्थियों का डेटा मिसमैच साबित हुआ है। इस मामले में एसओजी ने 160 से ज्यादा अभ्य र्थियों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए है।
Updated on:
28 Oct 2025 03:43 pm
Published on:
28 Oct 2025 03:43 pm
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